गुजरात की ‘10 गाँव – एक मोबाइल पशु चिकित्सा क्लिनिक’ योजना ने अब तक 85 लाख से अधिक पशुओं का निःशुल्क इलाज कर नई मिसाल कायम की है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच रही हैं और केंद्र सरकार ने भी इसी मॉडल को पूरे देश में अपनाया है।

राज्य की ‘10 गाँव – एक मोबाइल पशु चिकित्सा क्लिनिक’ योजना ने ग्रामीण पशुपालकों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। इस योजना के तहत अब तक 85 लाख से अधिक पशुओं का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है, जिससे यह पहल पशु स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास में एक मिसाल बन गई है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और पशुपालन मंत्री जीतू वघाणी के मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम के तहत 127 मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) वैन ने अब तक 2,600 से अधिक गाँवों में 5.83 लाख पशुओं का उपचार किया है। योजना के तहत कुल 460 मोबाइल क्लिनिक सक्रिय हैं, जो गुजरात के लगभग हर हिस्से में पशुपालकों तक समय पर और पूर्ण रूप से सुसज्जित चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाती हैं।

इस पहल का उद्देश्य केवल पशु स्वास्थ्य सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण कल्याण, करुणा और सतत् विकास की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल करते ही वेटरनरी वैन सीधे गाँवों में पहुँच जाती है और पशुओं का निरीक्षण एवं उपचार करती है।

गुजरात की इस सफलता ने केंद्र सरकार को भी प्रेरित किया है। इसी मॉडल को आधार बनाते हुए, पूरे देश में मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) कार्यक्रम लागू किया गया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रामीण पशु स्वास्थ्य दृष्टि के अनुरूप है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था व पशु पालन के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गुजरात की ‘10 गाँव – एक मोबाइल क्लिनिक’ योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का अभिनव और प्रभावशाली मॉडल साबित हुई है, जो देशभर में पशुपालन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई दिशा निर्धारित कर रही है।

Updated On 17 Nov 2025 3:27 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story