अगस्त 2026: भारत के सबसे बड़े डिजिटल वॉलेट वन मोबीक्विक सिस्टम्स लिमिटेड (मोबीक्विक) (NSE: MOBIKWIK / BSE: 544305) लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफे में रही है। 30 जून, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) ₹7.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले ₹49.5 करोड़ का सकारात्मक सुधार है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही में मुनाफे की वापसी के बाद कंपनी लगातार मुनाफे में बनी हुई है।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में कंपनी का EBITDA ₹15.8 करोड़ रहा। इस दौरान प्लेटफॉर्म का सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) बढ़कर अब तक के सबसे ऊंचे तिमाही स्तर ₹58,700 करोड़ पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 50% की बढ़ोतरी है। कंपनी के मुताबिक, भारत में वह दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली UPI TPAP ऐप रही और उसके UPI लेनदेन की वृद्धि पूरे उद्योग की तुलना में 5 गुना तेज रही।

मोबीक्विक का शुद्ध वित्तीय सेवा मार्जिन भी सालाना आधार पर 5 गुना बढ़ा। यह वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 1.1% से बढ़कर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 5.9% हो गया।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में प्लेटफॉर्म GMV ₹58,700 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में यह ₹39,200 करोड़ था। कुल आय ₹289.2 करोड़ के मुकाबले ₹281.6 करोड़ रही। कॉन्ट्रिब्यूशन प्रॉफिट ₹128.6 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹77.4 करोड़ था। EBITDA वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के ₹(31.2) करोड़ के मुकाबले ₹15.8 करोड़ रहा, जबकि PAT ₹(41.9) करोड़ से सुधरकर ₹7.6 करोड़ हो गया। इस तरह EBITDA में ₹47 करोड़ और PAT में ₹49.5 करोड़ का सकारात्मक सुधार दर्ज हुआ।

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में भी मुनाफे की रफ्तार बनी रही। कॉन्ट्रिब्यूशन प्रॉफिट सालाना आधार पर 66% बढ़ा, जो खर्चों पर बेहतर नियंत्रण और पेमेंट्स बिजनेस तथा फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस से हुई बेहतर कमाई को दर्शाता है। प्लेटफॉर्म GMV अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा। फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस में कमाई बढ़ने के साथ ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन भी मजबूत रहा।

नतीजों पर मोबीक्विक के सह-संस्थापक, एमडी और सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा, "वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे दर्शाते हैं कि मुनाफा अब हमारे बिजनेस मॉडल का मजबूत हिस्सा बन चुका है। लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफा दर्ज करने के साथ-साथ हमने कारोबार बढ़ाने के लिए निवेश भी जारी रखा। पेमेंट्स बिजनेस में हमने लगातार 14वीं तिमाहियों से रिकॉर्ड GMV हासिल किया और बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स के साथ सालाना आधार पर 50% की बढ़ोतरी दर्ज की। वहीं, लेंडिंग बिजनेस में ग्रॉस प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.6 गुना बढ़ा, जो मजबूत क्रेडिट क्वालिटी और बेहतर पोर्टफोलियो रिकवरी को दर्शाता है। हमारा फोकस पेमेंट्स बिजनेस में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करने, डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज इकोसिस्टम का विस्तार करने और ग्राहकों व शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक स्थायी मूल्य बनाने पर है।"

30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के समेकित वित्तीय नतीजों में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹281.5 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 4% अधिक है। कुल आय ₹289.2 करोड़ रही, जो पिछले साल से 3% अधिक है। डायरेक्ट कॉस्ट में 21% की कमी आई, जो लागत और खर्चों पर लगातार बेहतर नियंत्रण को दर्शाती है। कॉन्ट्रिब्यूशन प्रॉफिट सालाना आधार पर 66% बढ़कर ₹128.6 करोड़ हो गया।

कुल आय के मुकाबले फिक्स्ड कॉस्ट 39% रहा। कंपनी के अनुसार, यह उन क्षेत्रों में किए जा रहे निवेश को दर्शाता है, जहां आगे तेज बढ़त की अच्छी संभावना है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में EBITDA ₹15.8 करोड़ रहा, जो मुनाफे वाली तिमाही रही और इसमें सालाना आधार पर ₹47 करोड़ का सुधार हुआ। PAT ₹7.6 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के मुकाबले ₹49.5 करोड़ अधिक है।

पेमेंट्स बिजनेस में कंपनी ने बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स और मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज के दम पर लगातार अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी ने भारत में लगातार नंबर एक PPI वॉलेट का स्थान बरकरार रखा। भारत के UPI इकोसिस्टम में वह दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली UPI ऐप रही। कंपनी के UPI लेनदेन में पिछले साल के मुकाबले 2.3 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई।

BBPS इकोसिस्टम में कस्टमर ऑपरेटिंग यूनिट के आधार पर कंपनी छठे स्थान पर रही। कंपनी ने ₹58,700 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक तिमाही प्लेटफॉर्म GMV हासिल किया और लगातार 14वीं तिमाही में बढ़ोतरी दर्ज की। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में प्लेटफॉर्म GMV में सालाना आधार पर 50% की बढ़ोतरी हुई। इसमें UPI के मजबूत प्रदर्शन ने राजस्व देने वाली पेमेंट कैटेगरी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

नेट पेमेंट्स मार्जिन 13 bps रहा, जिसे बेहतर पेमेंट वॉल्यूम और मर्चेंट मोनेटाइजेशन का साथ मिला। ग्रॉस मार्जिन 37% रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 28% के मुकाबले काफी बेहतर है। यूजर बेस बढ़कर 19.3 करोड़ और मर्चेंट बेस बढ़कर 50.2 लाख हो गया।

फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस में ग्रॉस प्रॉफिट ₹43.3 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के ₹7.7 करोड़ के मुकाबले 5.6 गुना अधिक है। नेट फाइनेंशियल सर्विसेज मार्जिन पिछले साल के 1.1% से 5 गुना बढ़कर इस साल 5.9% हो गया। इसका मुख्य कारण क्रेडिट क्वालिटी में सुधार रहा।

ZIP EMI GMV ₹736.7 करोड़ रहा, जिसमें सालाना आधार पर 6% की बढ़ोतरी हुई। कुल डिस्बर्सल्स में 32% हिस्सेदारी डिस्ट्रिब्यूशन मॉडल और 68% हिस्सेदारी FLDG मॉडल की रही। क्रेडिट रिस्क परफॉर्मेंस में लगभग 25% का सुधार हुआ, जबकि कुल लोन में 60% हिस्सेदारी दोबारा ऋण लेने वाले ग्राहकों की रही।

कंपनी के अनुसार, इन सभी संकेतकों में हुआ सुधार उसके लेंडिंग बिजनेस के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। लगातार तीसरी तिमाही में मुनाफे में रहने के बाद मोबीक्विक अब अपने डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज पोर्टफोलियो को समझदारी और टिकाऊ तरीके से तेज गति से बढ़ाने की स्थिति में है।

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