क्यों हुआ बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हमला? इलाके में भारी तनाव जारी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन व विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर गया में हमला, सुरक्षाकर्मियों से मारपीट और बदसलूकी. मोहनपुर थाने में FIR दर्ज.

गया के मोहनपुर प्रखंड में विधायक ज्योति मांझी के काफिले को रोके जाने के बाद सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प का दृश्य। (बाएं से दाएं: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और घटना के दौरान सुरक्षाकर्मी एवं भीड़)।
Jyoti Manjhi convoy attacked : बिहार के राजनीतिक गलियारे से एक बेहद चौंकाने वाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आ रही है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन और बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र से हम (HAM) विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर बीते रविवार (17 मई, 2026) को कुछ उग्र तत्वों द्वारा जानलेवा हमला कर दिया गया. यह सनसनीखेज घटना मोहनपुर प्रखंड की बमुआर पंचायत के अंतर्गत गंभीरा गांव के समीप घटित हुई. हमलावरों ने न सिर्फ विधायक के रास्ते को रोका, बल्कि उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ हिंसक हाथापाई की और विधायक के साथ बेहद अभद्र व अमर्यादित व्यवहार किया.
सामाजिक कार्यक्रम में जाते समय सोची-समझी साजिश !
प्राप्त विवरण के अनुसार, विधायक ज्योति मांझी रविवार को मोहनपुर प्रखंड के गंभीरा गांव में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में शिरकत करने जा रही थीं. इसी दौरान रास्ते में एक सवारी वाहन ने जानबूझकर उनके काफिले का रास्ता रोक दिया.
आरोप है कि सोची-समझी रणनीति के तहत वाहन चालक ने गाड़ी को बीच सड़क पर तिरछा खड़ा कर दिया ताकि आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाए. जब विधायक के अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड्स) ने शालीनता से वाहन को एक तरफ हटाने का अनुरोध किया, तो उस सवारी गाड़ी में सवार करीब 15 से 20 लोग उग्र होकर नीचे उतर आए. देखते ही देखते उन लोगों ने सुरक्षाकर्मियों को घेर लिया, उनसे उलझ गए और उनके साथ लाठी-डंडों व हाथों से मारपीट शुरू कर दी.
गाड़ी के भीतर सहमी रहीं विधायक, जातिसूचक शब्दों का हुआ प्रयोग :
इस अप्रत्याशित और हिंसक हमले के दौरान भय का माहौल व्याप्त हो गया. विधायक ज्योति मांझी जान बचाने के लिए अपनी गाड़ी के भीतर ही बैठी रहीं. विधायक ने बाद में आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि हमलावर बेहद उग्र थे; उन्होंने न केवल उनके पद की गरिमा का उल्लंघन किया, बल्कि उनके लिए अत्यंत आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया.
"हमलावरों ने मेरी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया था. वे लगातार गाली-गलौज कर रहे थे और वाहन के शीशों पर जोर-जोर से प्रहार कर रहे थे. स्थिति इतनी तनावपूर्ण और डरावनी थी कि मुझे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था."
— ज्योति मांझी, विधायक (बाराचट्टी)
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों में से कुछ लोग चिल्लाकर विधायक से यह भी सवाल कर रहे थे कि "क्षेत्र की सड़क कब बनेगी?". हंगामा बढ़ता देख आस-पास के ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर जुट गए. ग्रामीणों की मुस्तैदी और हस्तक्षेप के बाद ही हमलावर वहां से पीछे हटे, जिसके बाद विधायक, उनके समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षित स्थान पर निकाला जा सका.
मोहनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज : कानूनी कार्रवाई शुरू
इस दुस्साहसिक घटना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. घटना के तुरंत बाद विधायक ज्योति मांझी ने मोहनपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने एक औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है.
- नामजद आरोपी: पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुख्य हमलावरों को नामजद किया है.
- अज्ञात आरोपी: 15 से 20 अन्य अज्ञात उपद्रवियों को भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया है.
- धाराएं: पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने, बदसलूकी और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
