पूर्वोत्तर भारत के शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है, जब मिजोरम को आधिकारिक रूप से ‘इंसर्जेंसी-फ्री’ घोषित कर दिया गया। यह घोषणा उस समय की गई जब राज्य में सक्रिय अंतिम उग्रवादी संगठन ह्मार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) [HPC(D)] ने अपने हथियार डाल दिए और शांति की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

राजधानी आइजोल के निकट सेसावंग में आयोजित एक औपचारिक “होमकमिंग और आर्म्स लेइंग” समारोह के दौरान संगठन के नेता लालह्मिंगथांगा सनाते के नेतृत्व में कुल 43 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने घोषणा करते हुए कहा कि मिजोरम अब पूरी तरह से सक्रिय उग्रवादी संगठनों से मुक्त हो चुका है। यह क्षण न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए शांति और स्थिरता का प्रतीक बनकर उभरा है।

यह ऐतिहासिक घटनाक्रम 14 अप्रैल को मिजोरम सरकार और HPC(D) के बीच हुए शांति समझौते का परिणाम है, जिसने दशकों पुराने उग्रवाद के अंत की औपचारिक नींव रखी। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने इस मौके पर कहा कि अतीत में जब भी मिजोरम में शांति की बात होती थी, HPC(D) की छाया हमेशा बनी रहती थी, लेकिन अब वह अध्याय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने सरकार और गृह मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सामूहिक इच्छाशक्ति और संवाद की जीत बताया।

गृह मंत्री के. सपडंगा ने इस दिन को “ऐतिहासिक” बताते हुए मुख्यमंत्री को शांति का प्रतीक करार दिया और कहा कि सरकार अब आत्मसमर्पण कर चुके कैडरों के पुनर्वास और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर कार्य करेगी। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब मिजोरम में किसी भी रूप में उग्रवाद को पनपने नहीं दिया जाएगा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को एकजुट रहना होगा।

HPC(D) को मिजोरम का अंतिम सक्रिय उग्रवादी संगठन माना जाता था, जो हालांकि हाल के वर्षों में निष्क्रिय हो गया था, लेकिन इसका अस्तित्व राज्य में अस्थिरता की एक स्मृति बना हुआ था। इस संगठन का उदय मुख्य रूप से ह्मार समुदाय के लिए स्वायत्तता की मांग से जुड़ा था, जिसने लंबे समय तक क्षेत्र में उग्रवाद को जन्म दिया।

मिजोरम पहले से ही 1986 के ऐतिहासिक मिजोरम शांति समझौते के बाद देश के सबसे शांतिपूर्ण राज्यों में गिना जाता रहा है, लेकिन छोटे-छोटे उग्रवादी गुटों की उपस्थिति शांति के इस दावे पर प्रश्नचिह्न लगाती थी। अब, HPC(D) के पूर्ण आत्मसमर्पण के साथ, राज्य एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां विकास, स्थिरता और सामुदायिक एकता को प्राथमिकता दी जाएगी।

यह घटनाक्रम न केवल मिजोरम के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है कि संवाद, समझौता और पुनर्वास की नीति से जटिल संघर्षों का समाधान संभव है। मिजोरम की यह उपलब्धि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थायी शांति और प्रगति की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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