भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर तेज बढ़ोतरी ने महंगाई के नए संकेत दे दिए हैं। 1 अप्रैल से लागू इस वृद्धि ने खासतौर पर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ा दी है, जिससे आम उपभोक्ता पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ने की आशंका गहराने लगी है।

ताजा संशोधन के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडरों के दाम में देश के प्रमुख शहरों में लगभग ₹195 से ₹218 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत अब करीब ₹2,078.50 तक पहुंच गई है, जबकि मुंबई में यह लगभग ₹2,031 और कोलकाता में ₹2,200 के पार जा चुकी है। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा महीना है जब कीमतों में वृद्धि हुई है मार्च में भी ₹114.50 का इजाफा किया गया था।

इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल को माना जा रहा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की आपूर्ति शृंखला को प्रभावित किया है, विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा है। इसके चलते सऊदी अरब और अल्जीरिया जैसे प्रमुख निर्यातकों द्वारा तय किए जाने वाले बेंचमार्क LPG मूल्य में 38% से 80% तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसने आयात लागत को सीधे प्रभावित किया है।

भारत, जो अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, इन वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव से अछूता नहीं रह सकता। परिणामस्वरूप, तेल विपणन कंपनियों ने लागत के दबाव को संतुलित करने के लिए घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इस वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव उन क्षेत्रों पर पड़ रहा है जो बड़े पैमाने पर कमर्शियल LPG पर निर्भर हैं। होटल, ढाबे, कैटरिंग सेवाएं और छोटे खाद्य व्यवसाय अब बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ी हुई लागत अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं और डिलीवरी सेवाओं की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में पहले से ही आपूर्ति में कमी और वितरण बाधाओं की खबरें भी सामने आ रही हैं, जो स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से घरेलू उपयोग के सिलेंडरों की कीमत स्थिर रखने का निर्णय लिया है। इस पूरी स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक ऊर्जा संकट का असर अब भारत के स्थानीय बाजारों में भी गहराई से महसूस किया जा रहा है। आने वाले समय में यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार नहीं होता, तो इसका व्यापक आर्थिक प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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