ईरोड से गांवों के भविष्य का संदेश: ‘विकसित भारत – G राम G’ से आत्मनिर्भर भारत की नींव
ईरोड में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत – G राम G’ अधिनियम को आत्मनिर्भर गांवों की नींव बताया। श्रमिकों के अधिकार, रोजगार सुधार, भ्रष्टाचार पर रोक और हल्दी परीक्षण प्रयोगशाला की घोषणा के साथ ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया।

शिवराज सिंह चौहान
तमिलनाडु के ईरोड में सोमवार को ग्रामीण भारत की दिशा और दशा को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रमिकों और किसानों से संवाद करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत – G राम G’ अधिनियम देश के गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक और ठोस कदम है। उन्होंने इसे केवल एक कानून नहीं, बल्कि गांवों के समग्र विकास का आधार बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को मजबूत करना, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और गांवों को आर्थिक व सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित और समृद्ध गांवों का लक्ष्य केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही पूरा हो सकता है। इसी भावना के साथ यह कानून तैयार किया गया है, ताकि ग्रामीण समाज स्वयं विकास प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बने।
शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा (MGNREGA) के पुराने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी तो थी, लेकिन कई स्थानों पर समय पर काम नहीं मिला और मजदूरी भुगतान में भी देरी हुई। उन्होंने इसे एक गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इसी तरह की खामियों और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ‘विकसित भारत – G राम G’ अधिनियम के तहत व्यापक सुधार किए गए हैं। इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों को समय पर काम और मेहनताना दोनों मिलें।
केंद्रीय मंत्री ने सख्त शब्दों में कहा कि श्रमिकों और मजदूरों के हक का पैसा किसी को भी हड़पने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होगा और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह संदेश खासतौर पर ग्रामीण मजदूरों के लिए आश्वासन के रूप में सामने आया, जो वर्षों से भुगतान और काम की अनिश्चितता से जूझते रहे हैं।
ईरोड में आयोजित इस संवाद के दौरान कृषि से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) को निर्देश दिया कि ईरोड में हल्दी परीक्षण के लिए एक विशेष प्रयोगशाला स्थापित की जाए। यह कदम क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ईरोड हल्दी उत्पादन के लिए जाना जाता है और गुणवत्ता परीक्षण से किसानों को बेहतर मूल्य और बाजार तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।
अपने संबोधन के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर गांव ही विकसित भारत की असली पहचान होंगे। उन्होंने दोहराया कि ‘विकसित भारत – G राम G’ अधिनियम के माध्यम से सरकार गांवों को रोजगार, सम्मान और स्थायी विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। ईरोड से दिया गया यह संदेश ग्रामीण भारत के भविष्य को लेकर एक मजबूत संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
