पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान, लॉरेंस बिश्नोई गैंग, UNCLOS, पासपोर्ट और निज्जर मामले पर विदेश मंत्रालय ने कई अहम बयान दिए।

भारत ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर लगातार करीबी नजर बनाए हुए है। नई दिल्ली ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन तथा व्यापारिक गतिविधियों के निर्बाध प्रवाह की आवश्यकता पर जोर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार शाम नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह दुनिया भर के लोगों की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान के उप मिशन प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को तलब किए जाने के बाद विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने तेहरान के समक्ष अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और जो कुछ हुआ है उसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस घटना में एक बहुमूल्य भारतीय नागरिक की जान चली गई है, जबकि कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। इनमें से दो भारतीय गंभीर रूप से घायल हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने इस मामले पर ईरानी पक्ष के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और स्पष्ट किया है कि ऐसे हमले जल्द से जल्द रुकने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही तनाव कम होना चाहिए तथा दोनों पक्षों को बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाते हुए वार्ता की मेज पर लौटना चाहिए, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अभियोग (Indictment) से जुड़े प्रश्न पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार यह रुख रखता आया है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी और इससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क समाजों के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से मुकाबले में भारत और अमेरिका के बीच मजबूत और लगातार बढ़ता सहयोग है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की एजेंसियां वर्षों से मिलकर काम कर रही हैं और यह सहयोग लगातार और गहरा हो रहा है।

यूएनसीएलओएस (UNCLOS) से जुड़े सवाल के जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा कि दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर भारत का रुख सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नौवहन और हवाई उड़ानों की स्वतंत्रता, समुद्र के अन्य वैध उपयोग तथा निर्बाध व्यापार सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि समुद्री विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से और यूएनसीएलओएस के अनुरूप होना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि दस वर्ष पहले मध्यस्थता न्यायाधिकरण (Arbitral Tribunal) द्वारा दिया गया फैसला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और पक्षों के बीच विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का आधार है।

पासपोर्ट से जुड़े प्रश्न पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट भारत सरकार द्वारा पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत भारतीय नागरिकों के भारत से प्रस्थान को विनियमित करने के लिए जारी किया जाने वाला दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक सत्यापन के बाद जारी किया जाता है। प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय नागरिकों या किसी अन्य व्यक्ति को पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया पासपोर्ट अधिनियम तथा पासपोर्ट नियम, 1980 के अनुसार संचालित होती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में भारत के 8 प्रतिशत से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है।

कनाडा में निज्जर मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के डिप्टी कमिश्नर की टिप्पणियों पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां हाल ही में सार्वजनिक किए गए अमेरिकी अभियोग (US Indictment) के अनुरूप हैं, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह के सदस्यों की जिम्मेदारी बताई गई है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग के माध्यम से अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Pratahkal Bureau

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