मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में 7 अप्रैल, 2026 की तड़के सुबह एक घरेलू निवास पर कथित रॉकेट या बम हमले ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। इस हमले में एक 5 वर्षीय लड़के और उसकी 5 महीने की बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हमले से घर को भारी नुकसान पहुंचा और समुदाय में गहरा शोक और भय फैल गया। यह परिवार एक सुरक्षा कर्मी का है, जिससे घटना का प्रभाव और भी संवेदनशील हो गया।

हमले के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए और कुछ ने सुरक्षा चौकियों पर धावा बोलने का प्रयास किया। जवाब में सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की, और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश में कम से कम दो नागरिकों की भी मौत हुई। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिनमें तेल टैंकर भी शामिल थे, और प्रमुख सड़क मार्गों को ब्लॉक कर दिया।



स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए राज्य सरकार ने इम्पाल वेस्ट, इम्पाल ईस्ट, थौबल, ककचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को कई दिनों के लिए निलंबित कर दिया। इसके साथ ही राज्य के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लागू किया गया, ताकि बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों को काबू में लाया जा सके।

इस घटना का राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ मणिपुर में लंबे समय से चल रहे जातीय संघर्ष से जुड़ा है। मई 2023 से मेइतेई (मुख्यतः घाटी में रहने वाले) और कुक़ी-ज़ो (मुख्यतः पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले) समुदायों के बीच संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और बड़ी संख्या में विस्थापन हुआ है। स्थानीय प्रशासन और राजनेताओं का कहना है कि हमले के पीछे पहाड़ी क्षेत्रों के संदिग्ध आतंकवादी समूह हो सकते हैं, हालांकि जांच अभी जारी है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे “निर्दयी कृत्य” बताया और आश्वासन दिया कि इस घटना के जिम्मेदारों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का सामना करना होगा। इस भयावह हमले ने न केवल स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया है, बल्कि मणिपुर में जातीय तनाव की संवेदनशीलता और बढ़ते आतंकवादी खतरे की गंभीरता को भी उजागर किया है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, जिसमें संवेदनशीलता और कड़े सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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