जातीय हिंसा और पहाड़ी जिलों में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय के आधुनिकीकरण फंड से बुलेटप्रूफ और माइन-प्रोटेक्टेड गाड़ियाँ बेड़े में शामिल की गईं।

Manipur Police 477 new vehicles : पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर पिछले तीन सालों से बेहद संवेदनशील और कठिन दौर से गुजर रहा है। वर्ष 2023 में भड़की भीषण जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 60,000 से अधिक नागरिक विस्थापित होकर अपनी ही सरजमीं पर बेघर हो चुके हैं। इस अशांत माहौल, पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर किए जाने वाले बार-बार के हमलों और आईईडी धमाकों की गंभीर चुनौतियों के बीच राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद करने के लिए एक बेहद आक्रामक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से अब मणिपुर पुलिस के बेड़े में 477 अत्याधुनिक सुरक्षा वाहन शामिल किए गए हैं, जो दुर्गम और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में गश्त और त्वरित कार्रवाई को एक नई गति देंगे।


इंफाल के फर्स्ट बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में आयोजित एक भव्य और गरिमामयी समारोह के दौरान सूबे के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस विशाल आधुनिक काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह क्षण राज्य के सुरक्षा इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। परेड ग्राउंड में कतार से खड़ी ये गाड़ियाँ केवल पुलिस की गतिशीलता बढ़ाने का साधन नहीं हैं, बल्कि अशांति के दौर से जूझ रहे मणिपुर में शांति और सुरक्षा की बहाली का एक मजबूत सरकारी संकल्प भी हैं।


इस नए बेड़े की सबसे बड़ी खासियत इसकी विविधता और मारक क्षमता है, जिसे मणिपुर की खास भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बेड़े में अत्यधिक सुरक्षित बुलेटप्रूफ 'रक्षक' गाड़ियाँ, बारूदी सुरंगों और आईईडी धमाकों से सुरक्षा देने वाले 'माइन-प्रोटेक्टेड' सैन्य वाहन, अत्याधुनिक मोटरसाइकिलें, भारी मालवाहक ट्रक और आपातकालीन पानी के टैंकर शामिल हैं। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के 'पुलिस आधुनिकीकरण के लिए राज्यों को सहायता' योजना के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के लिए 196.61 करोड़ रुपये की बड़ी राशि मंजूर की थी, जिसके परिणामस्वरूप आज इतनी बड़ी संख्या में आधुनिक संसाधन पुलिस को सौंपे जा सके हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में जान जोखिम में डालकर काम कर रहे पुलिसकर्मियों और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों जैसे थल सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी के समर्पण की भी जमकर सराहना की।


आधिकारिक और कानूनी मोर्चे पर सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक सशक्त और आधुनिक पुलिस बल के बिना राज्य में स्थायी शांति स्थापित करना असंभव है। उन्होंने बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में हुए एक हालिया बम हमले में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद भड़की हिंसक कानून-विरोधी गतिविधियों का जिक्र करते हुए जनता से कड़ा संदेश साझा किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं और विभिन्न नागरिक संगठनों से अपील की कि वे हिंसक विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के बजाय शांतिपूर्ण रैलियों और आपसी बातचीत का रास्ता अपनाएं। राज्य सरकार कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटने के साथ-साथ पुलिस बल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, उनके राशन और वर्दी भत्ते को बढ़ाने जैसी आंतरिक कड़ियों को भी दुरुस्त कर रही है, ताकि बलों का मनोबल ऊंचा रहे।

इस बड़े कदम का सीधा और गहरा असर मणिपुर के उन पहाड़ी जिलों में देखने को मिलेगा, जो अब तक कनेक्टिविटी की कमी और उग्रवादी गतिविधियों के कारण बेहद असुरक्षित माने जाते थे। इन 477 हाई-टेक वाहनों के आने से अब पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम यानी किसी भी आपात स्थिति में घटनास्थल पर पहुँचने का समय काफी घट जाएगा। बुलेटप्रूफ और माइन-प्रोटेक्टेड गाड़ियों के कारण अब दूर-दराज के जंगलों और पहाड़ियों में गश्त करते समय जवानों की जान को जोखिम बेहद कम होगा, जिससे वे अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ ज्यादा निडरता से ऑपरेशन चला सकेंगे। केंद्र और राज्य सरकार का यह संयुक्त प्रयास न केवल मणिपुर पुलिस की परिचालन क्षमता को कई गुना बढ़ाता है, बल्कि घाटी और पहाड़ी दोनों ही क्षेत्रों के आम नागरिकों के भीतर सुरक्षा की एक नई भावना और विश्वास पैदा करने का काम भी करता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story