sharad pawar news : महाराष्ट्र की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार की सेहत बिगड़ने की खबर ने पूरे प्रदेश में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को 85 वर्षीय पवार को पुणे के प्रसिद्ध रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया। बारामती स्थित उनके आवास से पुणे लाए जाने के तुरंत बाद डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उनका परीक्षण शुरू किया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब शरद पवार न केवल उम्र के इस पड़ाव पर सक्रिय राजनीति का मोर्चा संभाले हुए हैं, बल्कि हाल ही में अपने भतीजे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के आकस्मिक निधन के बाद एक गहरे पारिवारिक शोक से भी गुजर रहे हैं।

घटनाक्रम: बारामती से पुणे तक का सफर

सोमवार दोपहर को शरद पवार को बारामती से लगभग 100 किलोमीटर का सफर तय कर पुणे लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पवार एक एमपीवी (MPV) वाहन में सवार होकर अस्पताल पहुंचे। यद्यपि वह स्वयं वाहन से बाहर निकले, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति और सांस लेने में हो रही कठिनाई को देखते हुए उन्हें तुरंत व्हीलचेयर पर सुविधा केंद्र के भीतर ले जाया गया। उनके साथ उनकी बेटी सुप्रिया सुले और दामाद सदानंद सुले भी मौजूद थे।

चिकित्सकीय रिपोर्ट : क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?

रूबी हॉल क्लिनिक के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ और प्रबंध न्यासी डॉ. परवेज़ ग्रांट ने पवार के स्वास्थ्य पर आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुँचते ही वरिष्ठ नेता का सीटी स्कैन कराया गया।



डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु :

  • छाती में संक्रमण: परीक्षणों में पवार के सीने में गंभीर संक्रमण (Chest Infection) पाया गया है।
  • गले में समस्या: पूर्व में मुंह के कैंसर को मात दे चुके पवार इस बार गले में संक्रमण और लगातार खांसी से पीड़ित हैं।
  • निगरानी की आवश्यकता: डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उन्हें कम से कम एक दिन के लिए अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी है।

वर्तमान में विशेषज्ञों की एक मल्टी-स्पेशियलिटी टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए उपचार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



भावनात्मक और राजनीतिक पृष्ठभूमि :

शरद पवार के लिए पिछला कुछ समय व्यक्तिगत रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। 28 जनवरी को एक दुखद विमान दुर्घटना में उन्होंने अपने भतीजे अजीत पवार को खो दिया था। इस सदमे के बीच लगातार चुनावी सभाओं और राजनीतिक सक्रियता ने उनकी सेहत पर दबाव डाला है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लगातार खांसी और सीने में जकड़न के बावजूद वे सार्वजनिक कार्यों में जुटे हुए थे, लेकिन सोमवार को तकलीफ बढ़ने पर उन्हें चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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