486वीं जयंती पर गूंजा महाराणा प्रताप का शौर्य ; पीएम मोदी, राहुल गाँधी और गृहमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। कुम्भलगढ़ में जन्मे इस महान योद्धा ने 1572 से 1597 तक मेवाड़ पर शासन किया और हल्दीघाटी युद्ध में अकबर की सेना से संघर्ष किया। चेतक, भील सहयोग और गुरिल्ला युद्धनीति उनकी वीरता के प्रतीक बने।

महाराणा प्रताप की 486वीं जन्म जयंती
राजस्थान की वीर भूमि मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप की 486वीं जन्म जयंती पर देशभर में श्रद्धा और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। 9 मई 1540 को कुम्भलगढ़ किले में जन्मे महाराणा प्रताप का नाम भारतीय इतिहास में ऐसे वीर शासक के रूप में दर्ज है, जिन्होंने मुगल सम्राट अकबर की विस्तारवादी नीतियों के सामने झुकने के बजाय संघर्ष का मार्ग चुना और स्वाभिमान की रक्षा के लिए जीवन समर्पित कर दिया।
महाराणा प्रताप, महाराणा उदय सिंह द्वितीय और रानी जयवंताबाई के पुत्र थे। उनका शासनकाल 1572 से 1597 तक मेवाड़ पर रहा। उनके परिवार में शाक्ति सिंह, विक्रम सिंह और जगमाल सिंह सहित भाई-बहन थे। प्रताप ने अपने जीवन में मेवाड़ की स्वतंत्रता को सर्वोपरि रखते हुए मुगलों के साथ किसी भी प्रकार के समझौते को अस्वीकार किया।
इतिहास में 1576 का हल्दीघाटी युद्ध महाराणा प्रताप के साहस और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है, जिसमें उनके वफादार घोड़े चेतक ने उन्हें युद्धभूमि से सुरक्षित बाहर निकालकर वीरता की अनोखी मिसाल पेश की। लगातार संघर्षों और भील जनजातियों के साथ गठबंधन के माध्यम से महाराणा प्रताप ने 1580 के दशक तक अपने राज्य के बड़े हिस्से को पुनः प्राप्त किया।
वीरता और पराक्रम के अमर प्रतीक, देश के महान योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मातृभूमि की आन-बान और शान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके अदम्य साहस और अटूट स्वाभिमान की गाथाएं युगों-युगों तक देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति का…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
शौर्य, पराक्रम, त्याग और संघर्ष के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। pic.twitter.com/MEbrjzNVIr
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 9, 2026
इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्हें राष्ट्र के शौर्य और पराक्रम का अमर प्रतीक बताते हुए उनके साहस और स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताया। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें वीरता, त्याग और संघर्ष का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें अदम्य साहस और देशभक्ति का प्रतीक बताया, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें मेवाड़ के गौरवशाली योद्धा के रूप में नमन किया।
अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
— Amit Shah (@AmitShah) May 9, 2026
भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और त्याग के सर्वोच्च प्रेरणास्रोत महाराणा प्रताप जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि, धर्म और संस्कृति की रक्षा तथा इनके… pic.twitter.com/k1YCtAGNsm
Humble tributes to the Warrior King of Mewar, whose legacy of courage and dedication is the foundation of our pride, Maharana Pratap Ji, on his Birth Anniversary!
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) May 9, 2026
शौर्य व पराक्रमाचे प्रतीक, कुशल योद्धे, मेवाडचे राजे महाराणा प्रताप यांना जयंतीदिनी कोटी कोटी नमन!#MaharanaPratap… pic.twitter.com/caTmEu9xSO
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई अन्य नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने भी महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को राष्ट्र के लिए प्रेरणा बताया। देशभर में प्रतिमा स्थलों और स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां उनके शौर्य और स्वाभिमान की गाथाओं को याद किया गया। महाराणा प्रताप का जीवन भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और संघर्ष की एक ऐसी गाथा के रूप में स्थापित है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और साहस की प्रेरणा देती रहेगी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
