सुबह-सुबह धमकी और फिर अफरा-तफरी ; लुधियाना के 4 स्कूलों में क्या हुआ ऐसा?
लुधियाना के चार प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूलों को खाली कराया और तलाशी अभियान चलाया। मामले की जांच जारी है और इसे संभावित फर्जी धमकी माना जा रहा है।

लुधियाना के डीएवी पब्लिक स्कूल के बाहर तैनात पुलिस बल और सुरक्षा अधिकारी
पंजाब के लुधियाना में अप्रैल 2026 की एक सुबह उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब शहर के चार प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। सुबह करीब 9 बजकर 14 मिनट पर प्राप्त इस ईमेल ने प्रशासन और अभिभावकों के बीच तत्काल चिंता की लहर पैदा कर दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और एहतियातन सभी स्कूल परिसरों को खाली करा लिया गया।
धमकी मिलने वाले स्कूलों में Spring Dale Public School, DAV Public School (BRS Nagar), Manav Rachna International School और Podar International School शामिल थे। सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने बिना देर किए छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और अभिभावकों को सूचित कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।
ईमेल में दावा किया गया था कि दोपहर 1 बजकर 11 मिनट के आसपास स्कूलों में विस्फोट हो सकता है। इतना ही नहीं, संदेश में शाम के समय रेलवे ट्रैक पर भी धमाके की आशंका जताई गई थी, जिससे खतरे का दायरा और बढ़ गया। संयोग से उसी दिन एक निर्धारित ब्लैकआउट ड्रिल भी प्रस्तावित थी, जिसने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बम निरोधक दस्ता, स्निफर डॉग्स और कई जांच टीमों को स्कूल परिसरों में तैनात किया। हर कोने की गहन तलाशी ली गई, लेकिन किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। शुरुआती जांच के आधार पर अधिकारियों ने इस धमकी को एक संभावित शरारत या फर्जी अलर्ट बताया है, हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी है।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों ने छात्रों को घर भेज दिया और एहतियातन ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रारंभिक चरण में सीमित जानकारी ही साझा की, ताकि अनावश्यक दहशत न फैले। यह घटना कोई पहली बार नहीं है। हाल के महीनों में पंजाब के कई स्कूलों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं, जिनमें मार्च महीने की घटनाएं भी शामिल हैं। इन लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस और साइबर टीमें ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक संकेतों के अनुसार, इन धमकियों का उद्देश्य केवल भय और अस्थिरता फैलाना हो सकता है, लेकिन प्रशासन इसे किसी भी स्तर पर हल्के में लेने के मूड में नहीं है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि आधुनिक दौर में डिजिटल माध्यमों के जरिए फैलने वाली अफवाहें भी वास्तविक खतरे जितनी गंभीर हो सकती हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
