लकी फ्राइडे: आज चमकेगी किसी की किस्मत; 'सुवर्णा केरलम' में ₹1 करोड़ का जैकपॉट
केरल सुवर्णा केरलम SK-42 लॉटरी परिणाम घोषित! कोल्लम के विजेता ने जीता ₹1 करोड़ का प्रथम पुरस्कार। यहाँ देखें सभी भाग्यशाली नंबर और विजेताओं की पूरी सूची।

Suvarna Keralam
Kerala Lottery Department Gazette : केरल राज्य की सबसे भरोसेमंद और प्रतिष्ठित लॉटरी प्रणालियों में से एक, 'सुवर्णा केरलम' (SK-42) ने आज फिर किसी की तकदीर को सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है। शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन स्थित गोर्की भवन में आयोजित भव्य लकी ड्रॉ में कोल्लम के एक निवासी ने 1 करोड़ रुपये का प्रथम पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया। यह परिणाम केवल एक संख्या नहीं, बल्कि उस पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा की जीत है जिसके लिए केरल राज्य लॉटरी विभाग पूरे भारत में विख्यात है।
आज दोपहर 3:00 बजे आयोजित इस ड्रॉ में प्रथम पुरस्कार (₹1,00,00,000) टिकट संख्या RR 161862 ने अपने नाम किया। कोल्लम से बेचे गए इस टिकट के एजेंट मुरुगेश थेवर एस (एजेंसी क्रमांक Q 4314) ने इस बड़ी जीत की पुष्टि की है। प्रथम पुरस्कार के साथ ही सांत्वना पुरस्कारों की भी झड़ी लग गई, जहाँ RN से लेकर RZ सीरीज तक के समान नंबर वाले टिकट धारकों को ₹5,000 की राशि प्रदान की गई। रोमांच यहीं समाप्त नहीं हुआ; द्वितीय पुरस्कार (₹30 लाख) भी कोल्लम के ही खाते में गया, जहाँ टिकट संख्या RR 247252 के धारक को विजेता घोषित किया गया। अटिंगल की टी रामा लक्ष्मी की एजेंसी से बिके टिकट RW 717174 ने ₹5 लाख का तृतीय पुरस्कार जीता।
केरल लॉटरी का इतिहास केवल जुआ या किस्मत का खेल नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त सामाजिक ढांचा है। 1967 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी.के. कुंजू के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल भारत की पहली राज्य-संचालित लॉटरी थी। इसका मुख्य उद्देश्य बिना किसी अतिरिक्त कर के सामाजिक कल्याण के लिए धन जुटाना और गरीबों एवं बेरोजगारों को सम्मानजनक आजीविका प्रदान करना था। आज यह विभाग सात साप्ताहिक, एक मासिक और छह मौसमी 'बंपर' ड्रॉ आयोजित करता है, जो राज्य के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा जनहित में खर्च करता है।
पुरस्कारों की अन्य श्रेणियों में भी व्यापक वितरण देखा गया :
- चतुर्थ पुरस्कार: ₹5,000 (0717, 1317 जैसे विशिष्ट अंत वाले नंबरों के लिए)
- पंचम पुरस्कार: ₹2,000 (1189, 3010 आदि)
- निम्न श्रेणियाँ: ₹1,000, ₹500, ₹200 और ₹100 के पुरस्कार हजारों अन्य प्रतिभागियों में वितरित किए गए।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, सभी विजेताओं को सूचित किया जाता है कि वे आधिकारिक केरल सरकारी गजट से अपने टिकट नंबरों का मिलान अवश्य करें। विजेताओं को ड्रॉ की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपने मूल टिकट और पहचान प्रमाण पत्र संबंधित विभाग या बैंक में जमा करने होंगे। केरल लॉटरी की यह सफलता और इसका अटूट विश्वास अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा है, जो यह सिद्ध करता है कि सरकारी नियंत्रण और पूर्ण पारदर्शिता के साथ एक लॉटरी प्रणाली न केवल लोगों के सपने पूरे कर सकती है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का माध्यम भी बन सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
