जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ चल रही लंबी लड़ाई में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक व्यापक ऑपरेशन के तहत लश्कर-ए-तैयबा के एक गहरे और संगठित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 16 साल से फरार चल रहे कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी न केवल एक लंबे समय से चल रही तलाश का अंत है, बल्कि देश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का भी संकेत देती है।

पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमें अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा के अलावा उस्मान उर्फ खुबैब भी शामिल है। अब्दुल्ला पिछले 16 वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दे रहा था और उसने जम्मू-कश्मीर के बाहर भी अपने ठिकाने बना रखे थे। जांच में सामने आया है कि उसका संपर्क कई आतंकी नेटवर्क से था और वह लंबे समय से भारत में सक्रिय आतंकी गतिविधियों को समर्थन दे रहा था।

इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। जांच के दौरान जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा में कुल 19 स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इन छापों ने एक ऐसे अंतर-राज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया, जो आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता, ठिकाना, नकली दस्तावेज और आर्थिक मदद उपलब्ध कराता था।

गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में श्रीनगर के निवासी मोहम्मद नकीब भट, आदिल राशिद भट और गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा शामिल हैं। इन पर आतंकियों को पनाह देने, भोजन उपलब्ध कराने और अन्य प्रकार की सहायता करने के गंभीर आरोप हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि इसी नेटवर्क की मदद से एक विदेशी आतंकी फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर देश से फरार होने में सफल रहा था।

यह पूरा खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की यादें अभी भी ताजा हैं, जिसमें पाकिस्तान से आए आतंकियों ने 27 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर पूरे देश को झकझोर दिया था। इस नई कार्रवाई ने उस हमले से जुड़े नेटवर्क और उनके समर्थन तंत्र की गहराई को उजागर कर दिया है।

इस ऑपरेशन को हाल के वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। इससे न केवल एक लंबे समय से सक्रिय आतंकी तंत्र को गहरा झटका लगा है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को आगे की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की भी उम्मीद है। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि देश में आतंकी गतिविधियों को जड़ से खत्म करने के लिए एजेंसियां लगातार सतर्क और सक्रिय हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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