लश्कर का नया खतरनाक प्रशिक्षण मॉडल, पानी से घुसपैठ और AI इस्तेमाल ने बढ़ाई चिंता
लश्कर-ए-तैयबा के नए प्रशिक्षण मॉडल में AI, मार्शल आर्ट और पानी से घुसपैठ की तैयारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।

तस्वीर में बाईं ओर एक व्यक्ति स्विमिंग पूल के पानी के भीतर नजर आ रहा है, जबकि दाईं ओर दो व्यक्ति अन्य लोगों की मौजूदगी में मार्शल आर्ट का अभ्यास करते हुए दिख रहे हैं।
भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) अपने कैडर को मार्शल आर्ट, पानी के रास्ते घुसपैठ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहा है। नए वीडियो और सूचनाओं से इस प्रशिक्षण गतिविधि का खुलासा हुआ है।
एक वीडियो में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल लश्कर कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक को स्विमिंग पूल में प्रवेश करते हुए देखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के अनुसार, अशफाक की निगरानी में संगठन के आतंकियों को पानी के रास्ते घुसपैठ और बाहर निकलने, कठिन परिस्थितियों में दिशा तय करने और विशेष अभियानों को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 26 नवंबर 2008 को हुए भारत के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक को लश्कर ने समुद्री रास्ते से अंजाम दिया था। अजमल कसाब और अन्य हमलावरों ने एक मछली पकड़ने वाली ट्रॉलर को हाईजैक कर भारत में प्रवेश किया था और फिर रबर की inflatable डिंगियों के जरिए मुंबई पहुंचे थे।
जानकारी के अनुसार, कुछ प्रशिक्षण पाकिस्तान के मंगला बांध में भी हो रहा है, जहां अजमल कसाब और अन्य हमलावरों ने भी प्रशिक्षण लिया था।
अन्य वीडियो में युवाओं को जूडो, कराटे, ताइक्वांडो और कुश्ती का प्रशिक्षण लेते हुए देखा जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह शारीरिक और तकनीकी प्रशिक्षण पाकिस्तान मार्कजी मुस्लिम लीग (PMML) के जरिए कई शहरों में दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे युवाओं की टीम तैयार करना है, जो हर तरह की परिस्थितियों से निपटने में सक्षम हो।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठ लश्कर आतंकी भी इन प्रशिक्षण केंद्रों का लगातार दौरा कर रहे हैं। वे वहां पहुंचकर लोगों का "मनोबल बढ़ाने" और लश्कर के "मिशन" के लिए प्रतिबद्ध होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
AI प्रशिक्षण को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों ने चिंता जताई है। अधिकारियों के अनुसार, कई रिपोर्टों में सामने आया है कि लश्कर के नए सदस्यों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एक वीडियो में राणा मोहम्मद अशफाक को यह कहते हुए सुना गया, "दुश्मन तकनीक के मामले में बहुत आगे है, इसलिए 'मुजाहिदीन' को भी आधुनिक तकनीक को अपनाना और उसका इस्तेमाल करना सीखना होगा।"
रिपोर्ट के अनुसार, इन AI कार्यक्रमों में भाग लेने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक है। एक अधिकारी ने कहा, "ऐसी संभावना हमेशा रहती है कि भविष्य में इस तरह का प्रशिक्षण समुद्री घुसपैठ, साइबर हमलों और सोशल मीडिया पर प्रचार फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल पहले से ही ऐसे समूह अपनी विचारधारा फैलाने के लिए कर रहे हैं और AI का इस्तेमाल इसे और बढ़ा सकता है।"
अधिकारी ने बताया कि एजेंसियां पाकिस्तान में चल रही इन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और इन्हें संभावित सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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