एलओसी पर दुर्लभ तस्वीर: भारतीय और पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने मिलाया हाथ, पाक नागरिक वतन वापस
सीमा पर तनाव के बावजूद एलओसी पर दिखा एक दुर्लभ और मानवीय मंजर। भारतीय सेना ने दिखाई दरियादिली, हिरासत में लिए गए पाकिस्तानी नागरिक को पूरे सम्मान के साथ वतन वापस लौटाया। क्या यह दुर्लभ हैंडशेक दोनों देशों के बीच बदलेंगे रिश्ते? जानें पूरी खबर।

टीटवाल सेक्टर में भारतीय सेना के मेजर और पाकिस्तानी अधिकारी हाथ मिलाते हुए, भारतीय सेना ने मानवीय आधार पर पाकिस्तानी नागरिक को वापस सौंपा।
सीमा पर जारी तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले की टीटवाल सेक्टर स्थित नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक बेहद दुर्लभ और मानवीय दृश्य देखने को मिला। भारतीय सेना ने मानवीय मूल्यों और सैन्य शिष्टाचार का परिचय देते हुए एक पाकिस्तानी नागरिक को सकुशल उसके देश वापस सौंप दिया। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत का रहने वाला असद खान, जो 12 जून 2026 को सीमा पार कर सिमारी गांव में दाखिल हो गया था, उसे भारतीय सेना ने हिरासत में लिया था। सेना के अनुसार, हिरासत के दौरान असद खान के साथ पूर्ण गरिमा और करुणा के साथ व्यवहार किया गया, जो भारतीय सेना के उच्च पेशेवर मानकों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है।
18 जून 2026 को हुई इस वापसी प्रक्रिया के दौरान, भारतीय सेना के एक मेजर रैंक के अधिकारी और पाकिस्तानी सेना के अधिकारी के बीच हाथ मिलाने की एक दुर्लभ तस्वीर सामने आई है। दोनों देशों के बीच मौजूदा कड़वाहट और सैन्य तनातनी के माहौल में, यह दृश्य न केवल एक मानवीय पहल का प्रमाण बना, बल्कि सैन्य शिष्टाचार की एक नई मिसाल भी पेश की। असद खान की गिरफ्तारी के बाद खैबर पख्तूनख्वा से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी रिहाई की अपील की जा रही थी। सेना ने अपनी आधिकारिक पोस्ट में स्पष्ट किया कि यह कदम भारतीय सेना की प्रतिबद्धता और पेशेवर आचरण को रेखांकित करता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी भारत अपनी मानवीय और नैतिक नीतियों पर अडिग रहता है।

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