कोलकाता में ब्रिज (Brace Bridge) के पास एक निर्माणाधीन गोदाम की छत अचानक ढह जाने से बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें तीन मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब साइट पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा था और मजदूर कंक्रीट डालने में व्यस्त थे। अचानक हुई इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया और कुछ ही पलों में पूरा ढांचा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर के समय उस वक्त हुई जब लगभग 50 से 60 मजदूर निर्माणाधीन गोदाम की छत पर कंक्रीट डालने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान संरचना अचानक कमजोर पड़ गई और बिना किसी चेतावनी के छत भरभरा कर गिर गई। भारी कंक्रीट और लोहे के मलबे के नीचे कई मजदूर दब गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।



इस हादसे में अब तक कम से कम तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं लगभग 18 मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में 11 लोगों को तत्काल कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक 21 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।

घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। बचाव दल क्रेन और गैस कटर जैसी भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने में जुटे हैं। हालांकि, संरचना के और अधिक ढहने के खतरे को देखते हुए राहत कार्य बेहद सावधानी के साथ किया जा रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना स्थल पर मौजूद यह ढांचा कथित तौर पर पूर्ववर्ती सरकार के समय से जुड़ा एक अवैध निर्माण हो सकता है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संरचना किस कारण से इतनी बड़ी विफलता का शिकार हुई।

इस भयावह हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उन परिस्थितियों में जहां बड़ी संख्या में मजदूर एक साथ काम कर रहे थे। कोलकाता में जारी यह रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी चल रहा है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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