kolkata taratala warehouse collapse : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाले हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। यहां बुधवार को एक निर्माणाधीन गोदाम की भारी-भरकम छत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसके मलबे में कई जिंदगियां पल भर में दफन हो गईं। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया। इस भीषण त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के लिए मुआवजे का बड़ा ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गोदाम मालिक को बेड़ियों में जकड़ लिया है।

लोहे और कंक्रीट के मलबे में जिंदगी की जंग, 20 घंटे से रेस्क्यू जारी :

तारातला इलाके में हुआ यह हादसा इतना भयावह था कि संरचना गिरते ही चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार और धूल का गुबार छा गया। घटना के 20 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए कड़ा संघर्ष चल रहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं। एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन के कमांडेंट मनीष रंजन ने बताया कि मलबे से अब तक कई लोगों को सुरक्षित और जीवित बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि, कंक्रीट की कई मोटी परतों, मुड़े हुए लोहे के सरियों, भारी गर्डर्स और टिन की चादरों के उलझाव के कारण बचाव अभियान बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जिससे मलबे की गहराई तक पहुंचना जान जोखिम में डालने जैसा है।

पीएम मोदी ने जताया शोक, राहत कोष से आर्थिक मदद की घोषणा :

इस संवेदनशील और दुखद घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पीएम मोदी ने कोलकाता दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए चौबीसों घंटे तत्परता से काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने इस आपदा में जान गंवाने वाले अभागे मृतकों के आश्रितों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है, जबकि हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कानूनी शिकंजा: गोदाम मालिक शंभूनाथ बहरा समेत तीन गिरफ्तार

हादसे की भयावहता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने कानूनी मोर्चे पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इस पूरे मामले में घोर लापरवाही और निर्माण मानकों की अनदेखी को लेकर पुलिस ने गोदाम के मालिक शंभूनाथ बहरा को गिरफ्तार कर लिया है। शंभूनाथ बहरा के साथ ही इस जानलेवा लापरवाही से जुड़े मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस प्रशासन इस निर्माण कार्य की वैधानिकता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच कर रहा है, ताकि दोषियों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम की जा सके जिससे भविष्य में कोई चंद पैसों के लिए इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ न कर सके।

इस भीषण हादसे ने एक बार फिर महानगरों में चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तारातला की यह त्रासदी इस बात का बड़ा सबक है कि विकास की अंधी दौड़ में सुरक्षा मानकों से किया गया जरा सा भी समझौता कितनी बड़ी मानवीय क्षति का कारण बन सकता है, जिसकी भरपाई कभी मुमकिन नहीं है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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