कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर उस समय कोहराम मच गया, जब एक निर्माणाधीन गोदाम की छत भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि मलबे में कम से कम 40 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के वक्त तीन मंजिला इमारत के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था, तभी यह भयानक घटना घटी।

दमकल विभाग को घटना की पहली सूचना दोपहर 12:20 बजे मिली, जिसके बाद तुरंत स्थानीय लोगों, पुलिस, दमकल और बचाव दलों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। मलबे से अब तक छह से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल भेजा गया है। बचाव अभियान के दौरान मिट्टी और मलबे में सने घायलों को स्ट्रेचर पर बाहर निकालते हुए देखा गया। अस्पताल ले जाए गए तीन लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

घटनास्थल पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, छत के निर्माण में सीमेंट के साथ टिन की चादरों का उपयोग किया गया था, जो संभवतः इस हादसे का एक मुख्य कारण बनीं। फिलहाल, प्रशासन और बचाव दल युद्धस्तर पर मलबे को हटाने में जुटे हैं ताकि दबे हुए अन्य लोगों को बचाया जा सके। यह दुर्घटना न केवल एक बड़ी त्रासदी है, बल्कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

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