पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में लगी एक भीषण आग ने न केवल सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि चुनावी सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। दक्षिण 24 परगना जिला परिषद कार्यालय परिसर स्थित एक बहुमंजिला सरकारी भवन में लगी इस आग में करीब 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) पूरी तरह नष्ट हो गईं। घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और फोरेंसिक एजेंसियां कारणों की जांच में जुट गई हैं, जबकि राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

यह घटना 10 और 11 जून 2026 की दरमियानी अवधि में कोलकाता के अलीपुर क्षेत्र में स्थित नौ मंजिला सरकारी भवन में हुई। यह भवन दक्षिण 24 परगना जिला परिषद कार्यालय के साथ-साथ कई अन्य सरकारी विभागों का भी केंद्र है। भवन में चुनाव संबंधी सामग्री और बड़ी संख्या में ईवीएम मशीनें सुरक्षित रखी गई थीं। आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटों ने इमारत के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया।


शुरुआती जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले दूसरी और तीसरी मंजिल के आसपास देखी गई, लेकिन बाद में यह तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई, जहां ईवीएम मशीनें संग्रहीत थीं। बताया गया है कि सातवीं से नौवीं मंजिल के बीच रखी गई लगभग 4,000 ईवीएम मशीनें आग में पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। ये मशीनें हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उपयोग की गई थीं और बाद में सुरक्षित भंडारण के लिए यहां रखी गई थीं।

घटना को लेकर सबसे अधिक चर्चा आग के फैलने के तरीके को लेकर हो रही है। अधिकारियों के अनुसार आग का पैटर्न सामान्य नहीं दिखाई देता। जहां कुछ मध्यवर्ती मंजिलों को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा, वहीं ऊपरी मंजिलों पर भारी तबाही देखने को मिली। इसी वजह से जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग वास्तव में किस स्थान से शुरू हुई और इतनी तेजी से ईवीएम भंडारण वाले हिस्सों तक कैसे पहुंच गई।

आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को बड़े स्तर पर अभियान चलाना पड़ा। दस से अधिक दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और कई घंटों तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मुख्य लपटों पर नियंत्रण पाने के बाद भी इमारत के भीतर कई स्थानों पर ‘पॉकेट फायर’ बनी रही। इसके चलते लंबे समय तक कूलिंग ऑपरेशन चलाना पड़ा ताकि आग दोबारा न भड़क सके।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बहु-एजेंसी जांच शुरू कर दी है। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए लगाया गया है। जांच के दौरान विद्युत वायरिंग, आग लगने के संभावित शुरुआती बिंदु और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल की जा रही है।

जांच एजेंसियां फिलहाल सभी संभावित कारणों पर विचार कर रही हैं। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट और दुर्घटनावश आग लगने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है। वहीं कुछ राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों ने संभावित साजिश या तोड़फोड़ की संभावना भी जताई है। हालांकि अब तक किसी भी तरह की सुनियोजित साजिश या छेड़छाड़ के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।

राज्य सरकार की ओर से भी घटना को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित मंत्री ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह सामान्य आग की घटना नहीं लगती, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इसी बीच चुनावी सुरक्षा को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं कि एक ही भवन में इतनी बड़ी संख्या में ईवीएम मशीनें क्यों रखी गई थीं और क्या वहां पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी। इस घटना ने सरकारी भवनों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित कर दिया है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि संवेदनशील चुनावी उपकरणों को रखने वाले केंद्रों में उन्नत अग्निशमन और सुरक्षा तंत्र मौजूद होते, तो शायद इतने बड़े नुकसान से बचा जा सकता था।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आग का वास्तविक कारण क्या था और क्या इसमें किसी प्रकार की मानवीय भूमिका रही है। जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हालांकि इतना तय है कि कोलकाता में हुई यह घटना हाल के वर्षों में ईवीएम से जुड़ी सबसे बड़ी क्षति की घटनाओं में से एक बन गई है, जिसने चुनावी उपकरणों की सुरक्षा, सरकारी भंडारण व्यवस्थाओं और अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा छेड़ दी है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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