देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 प्रमुख खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसे सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम बताया है। इस फैसले के साथ सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने कुल चार महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है, जिनमें सबसे अहम खरीफ फसलों के लिए MSP तय करना रहा। उन्होंने कहा कि सरकार ने MSP को उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक रखने के अपने वादे को जारी रखा है। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से किसानों को लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये का संभावित भुगतान होगा।

सरकार द्वारा जारी नए MSP के अनुसार सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि ग्रेड-A धान का MSP 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। ज्वार (हाइब्रिड) का MSP 4023 रुपये और मालदांडी ज्वार का MSP 4073 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। बाजरा का MSP 2900 रुपये, रागी का 5205 रुपये और मक्का का MSP 2410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। दालों में अरहर/तूर का MSP 8450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि मूंग का MSP 8780 रुपये और उड़द का MSP 8200 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ है। सरकार के अनुसार किसानों को उत्पादन लागत पर सबसे अधिक अनुमानित लाभ मूंग में 61 प्रतिशत, बाजरा और मक्का में 56 प्रतिशत तथा अरहर में 54 प्रतिशत मिलेगा।

तेलहन फसलों में भी सरकार ने बड़ा इजाफा किया है। सूरजमुखी बीज के MSP में सबसे अधिक 622 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसका नया MSP 8343 रुपये हो गया है। सोयाबीन (पीला) का MSP 5708 रुपये, तिल का 10346 रुपये और नाइजरसीड का MSP 10052 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। मूंगफली का MSP 7517 रुपये प्रति क्विंटल होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि हाल के वर्षों में दलहन, तिलहन और मोटे अनाज यानी ‘श्री अन्न’ की खेती को बढ़ावा देने के लिए इन फसलों पर अधिक MSP दिया जा रहा है।

व्यावसायिक फसलों में कपास (मीडियम स्टेपल) का MSP 8267 रुपये प्रति क्विंटल और लॉन्ग स्टेपल कपास का MSP 8667 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कपास के MSP में 557 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जो किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है। सरकार ने इस फैसले को केंद्रीय बजट 2018-19 में किए गए उस ऐतिहासिक ऐलान के अनुरूप बताया है, जिसमें MSP को अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना रखने की बात कही गई थी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में यह बढ़ोतरी आगामी खरीफ सीजन में किसानों को अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर सकती है, विशेषकर दलहन और तिलहन फसलों में।

इसी कैबिनेट बैठक में सरकार ने कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कोयला गैसीकरण तकनीक के जरिए कोयला और लिग्नाइट को ‘सिंथेसिस गैस’ यानी सिंगैस में बदला जाता है, जिसका उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक और रसायन उद्योग में किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना देश की आयात निर्भरता कम करने और ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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