केरल में हाथियों के हमलों ने मचाया हड़कंप ; एक ही दिन में दो मौतें, मंदिर प्रशासन पर उठे सवाल
केरल के मंदिर उत्सवों में 1 मई को दो अलग-अलग हाथी हमलों में दो लोगों की मौत हो गई। अंगमाली और इरिंजलाकुडा में हुई इन घटनाओं ने पालतू हाथियों के उपयोग, सुरक्षा और पशु कल्याण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

केरल मंदिर उत्सव के दौरान हाथियों का हमला
केरल में मंदिर उत्सवों के दौरान हाथियों के बेकाबू होने की घटनाएं एक बार फिर भयावह रूप में सामने आई हैं। 1 मई को हुई दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हादसों ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पशु कल्याण संगठनों और आम नागरिकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।
पहली घटना एर्नाकुलम जिले के अंगमाली स्थित किडंगूर श्री महाविष्णु मंदिर के पास सुबह लगभग 9:15 बजे घटी। ‘मय्यनाड पार्थसारथी’ नामक एक पालतू हाथी, जो कथित तौर पर ‘मस्थ’ (उत्तेजित अवस्था) में था, अचानक बेकाबू हो गया। उसे पानी पिलाने के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसने हिंसक रूप धारण कर लिया। हाथी ने कोल्लम निवासी 40 वर्षीय लॉरी चालक विष्णु को अपनी सूंड में जकड़ लिया, जमीन पर पटककर कुचल दिया और बार-बार वार करते हुए उसकी मौके पर ही हत्या कर दी। यह वही चालक था, जिसने हाथी को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया था।
📍Angamaly, Kerala: Temple elephant Mayyanad Parthasarathy went into musth at Kidangoor Mahavishnu Temple, took the life of a 40-year-old lorry driver and left the mahout seriously injured; vehicles damaged, even tossed a Maruti Suzuki Swift, before being tranquilized after ~2… pic.twitter.com/M5EHjqIM9V
— Deadly Kalesh (@Deadlykalesh) May 2, 2026
हादसे को रोकने की कोशिश में प्राथमिक महावत प्रदीप भी गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। हाथी ने आसपास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया और इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कई घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार उसे शांत करने के लिए ट्रैंक्विलाइज़र का सहारा लेना पड़ा।
इसी दिन कुछ घंटों बाद दूसरी घटना त्रिशूर जिले के इरिंजलाकुडा स्थित कूडालमानिक्यम मंदिर में हुई, जिसने स्थिति की गंभीरता को और उजागर कर दिया। ‘वाझवाडी कासिनाथन’ नामक हाथी ने अचानक अपने अस्थायी बाड़े को तोड़ दिया और महावतों पर हमला कर दिया। इस हमले में 25 वर्षीय सहायक महावत श्रीकुट्टन को गंभीर चोटें आईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हमले में मुख्य महावत अमल (28) भी घायल हुए और उनका इलाज जारी है।
A mahout was killed in an elephant attack at the Koodalmanikyam Temple on Friday afternoon, barely hours after a similar incident in Angamaly claimed a life.
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) May 2, 2026
The elephant, identified as Vazhvaadi Kasinathan, had turned violent during the Koodalmanikyam festival and attacked its… https://t.co/9GAvPfLgqm pic.twitter.com/IUaYUAkOUB
बताया जा रहा है कि यह हाथी एक रात पहले ही धार्मिक जुलूस के दौरान आक्रामकता के संकेत दे चुका था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण थी। विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी, भीड़ का शोर और लगातार कार्यक्रमों में शामिल किए जाने के कारण हाथियों पर अत्यधिक दबाव बनता है, जिससे उनके बेकाबू होने की आशंका बढ़ जाती है। इन दोनों घटनाओं के साथ ही पिछले चार महीनों में केरल में पालतू हाथियों द्वारा हमलों में मरने वालों की संख्या छह से सात तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा राज्य में मंदिर उत्सवों के दौरान हाथियों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
केरल में धार्मिक परंपराओं के तहत हाथियों का उपयोग लंबे समय से होता आ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में मानव-हाथी संघर्ष और पालतू हाथियों के कल्याण से जुड़े मुद्दे लगातार उभरते रहे हैं। इन ताजा घटनाओं के बाद पशु अधिकार संगठनों और स्थानीय निवासियों ने इस प्रथा को समाप्त करने की मांग तेज कर दी है, यह कहते हुए कि यह न केवल इंसानों बल्कि जानवरों के लिए भी खतरनाक है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
