कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड मामले में छापेमारी के बाद तिरुवनंतपुरम में उग्र प्रदर्शनकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय के वाहनों पर पथराव किया।

ED raid on P Vijayan Kerala : केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आज उस समय कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक उच्च स्तरीय टीम पर सैकड़ों की संख्या में आए उग्र प्रदर्शनकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह सनसनीखेज घटना उस वक्त की है जब केंद्रीय जांच एजेंसी सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन से जुड़े ठिकानों पर तड़के से ही सघन छापेमारी कर रही थी। राजनीतिक रसूख और भ्रष्टाचार की जांच के इस बेहद संवेदनशील टकराव ने उस समय हिंसक रूप अख्तियार कर लिया, जब सीपीएम (CPM) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जांच टीम को बंधक बनाने की कोशिश की और उनके वाहनों को निशाना बनाया। इस अप्रत्याशित हमले ने न केवल राज्य के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस हिंसक घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार सुबह हुई, जब ईडी की टीम कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में केरल में एक साथ दस अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही थी। जैसे ही यह खबर फैली कि जांच के दायरे में खुद पूर्व मुख्यमंत्री विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन भी शामिल हैं, वैसे ही उनके आवास और ठिकानों के बाहर सीपीएम समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया। छापेमारी की लंबी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जैसे ही ईडी के शीर्ष अधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री के घर से बाहर निकलने के लिए अपनी गाड़ियों की तरफ बढ़े, वहां मौजूद सैकड़ों की उग्र भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते भीड़ ने नारेबाजी करते हुए ईडी के अधिकारियों के काफिले पर पत्थरों की बौछार कर दी। हमला इतना अचानक और भीषण था कि अधिकारियों की गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए। इस भारी अराजकता के बीच सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह मुस्तैदी दिखाते हुए ईडी के अधिकारियों को उग्र भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे वे बाल-बाल बच गए।

अगर इस पूरे विवाद के कानूनी और आधिकारिक पहलुओं पर नजर डालें तो यह मामला बेहद पेचीदा और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय दरअसल कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) में हुए पैसों के कथित हेरफेर और अवैध डायवर्जन की गहन जांच कर रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के खातों से खर्चों के फर्जी नाम पर भारी-भरकम रकम निकालकर अवैध रूप से उन राजनीतिक चेहरों और करीबियों को बांटी गई, जो असल में इसके हकदार नहीं थे। इस वित्तीय हेराफेरी के लाभार्थियों की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री विजयन की बेटी वीणा विजयन और उनसे जुड़ी कंपनियों का नाम प्रमुखता से शामिल है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे खेल का सबसे पहला पर्दाफाश साल 2019 में हुआ था, जब आयकर विभाग ने सीएमआरएल कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस वक्त बरामद हुए दस्तावेजों से यह साफ हुआ था कि पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी शेल कंपनियों को बेहद संदिग्ध और अवैध भुगतान किए गए हैं। इसके बाद, जांच की कानूनी कड़ियों को जोड़ते हुए साल 2025 में इस मामले में औपचारिक चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसके आधार पर अब ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत यह सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर रही है।


इस हिंसक झड़प और सरकारी काम में बाधा डालने की घटना को केंद्रीय जांच एजेंसी ने बेहद गंभीरता से लिया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की कानूनी टीम इस हमले को लेकर स्थानीय पुलिस थाने में दंगाइयों और हमलावर सीपीएम समर्थकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की तैयारी पूरी कर चुकी है। चूंकि केंद्रीय अधिकारी एक अदालत के निर्देश और कानूनी प्रक्रिया के तहत मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर राष्ट्रीय अपराध की जांच करने राज्य में पहुंचे थे, इसलिए उन पर हुआ यह हमला सीधे तौर पर संघीय ढांचे और देश की न्याय व्यवस्था को चुनौती देने जैसा माना जा रहा है।

केरल के इस अभूतपूर्व घटनाक्रम ने देश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष और केंद्रीय एजेंसियां इसे भ्रष्टाचार की जांच को डराने और दबाने की एक सोची-समझी साजिश करार दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय राजनीतिक संगठन इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बता रहे हैं। बहरहाल, पूर्व मुख्यमंत्री के घर के बाहर हुआ यह हिंसक तांडव यह साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई अब केवल अदालतों के कमरों तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि इसकी गूंज केरल की सड़कों से लेकर देश की संसद तक सुनाई देगी। आने वाले समय में ईडी की सख्त कानूनी कार्रवाई और इस हमले पर पुलिस का रुख ही यह तय करेगा कि राज्य की राजनीति किस करवट बैठेगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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