केरल CM पद का सस्पेंस बरक़रार; जाने दिल्ली में हुई लंबी बैठक के बाद किस नाम पर लगी मुहर
केरलम में जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला के नामों पर कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में 3 घंटे तक चर्चा की।

मेज पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे दिल्ली में केरलम मुख्यमंत्री चयन के संदर्भ में।
Kerala Assembly Election Results 2026 : केरलम की राजनीति में एक दशक का सूखा खत्म कर सत्ता के सिंहासन तक पहुंची कांग्रेस पार्टी के भीतर जीत के उल्लास के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर घमासान तेज हो गया है। स्पष्ट जनादेश मिलने के बावजूद 'कैप्टन' के नाम पर मचे आंतरिक घमासान को शांत करने के लिए शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली में भारी सियासी गहमागहमी देखी गई। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और जननायक राहुल गांधी ने शनिवार, 9 मई 2026 को केरलम कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ तीन घंटे से अधिक समय तक मैराथन बैठक की। दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस उच्च स्तरीय चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु वह पेचीदा सवाल रहा जिसका उत्तर पूरा केरलम जानना चाहता है आखिर कौन होगा राज्य का अगला मुख्यमंत्री?
इस चुनावी रण में कांग्रेस की जीत के तीन मुख्य स्तंभ माने जा रहे केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला इस समय मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं। सत्ता की इस रेस ने पार्टी आलाकमान के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है, क्योंकि तीनों ही नेताओं का कद और राज्य की राजनीति में प्रभाव बराबर का है। सूत्रों के अनुसार, बंद कमरों में हुई इस लंबी बैठक के दौरान राहुल गांधी का रुख काफी सख्त और स्पष्ट रहा। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देते हुए कहा कि केरलम के विकास के लिए सभी नेताओं को व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर एक साथ चलना होगा। राहुल गांधी ने स्पष्ट संकेत दिए कि विधायकों की राय ही सर्वोपरि होगी और जिस नेता पर बहुमत की मुहर लगी है, उसी के नेतृत्व में सरकार आगे बढ़ेगी।
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेतृत्व ने न केवल सामूहिक रूप से नेताओं से बात की, बल्कि मुख्यमंत्री पद के तीनों दावेदारों संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन से अलग-अलग भी मंत्रणा की। इस महत्वपूर्ण विचार-विमर्श में केरल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ, प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंशी और केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन व मुकुल वासनिक भी मौजूद रहे। तीन घंटे तक चले इस मंथन के बाद भी फिलहाल किसी एक नाम पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी है, लेकिन फैसले की कमान अब पूरी तरह से आलाकमान के हाथों में सौंप दी गई है।
बैठक के समापन के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंशी ने बताया कि सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री चयन का अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान पर छोड़ने का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि कांग्रेस नेतृत्व सभी पहलुओं पर विचार कर जल्द ही अंतिम नाम की घोषणा करेगा। गौरतलब है कि केरलम में नई सरकार के गठन की अंतिम समयसीमा 23 मई है, ऐसे में पार्टी के पास विचार के लिए पर्याप्त समय है, लेकिन जनता और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते सस्पेंस को देखते हुए माना जा रहा है कि अगले 48 घंटों के भीतर तिरुवनंतपुरम में नए मुख्यमंत्री के नाम का जयघोष हो सकता है। यह फैसला न केवल केरलम के भविष्य को दिशा देगा, बल्कि दक्षिण भारत में कांग्रेस के सांगठनिक संतुलन को भी तय करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
