रीठी में चार घंटे तक चला रेल रोको आंदोलन, आश्वासन के बाद पीछे हटे ग्रामीण; रेलवे के अगले कदम पर टिकी निगाहें
कटनी के रीठी रेलवे स्टेशन पर कोटा-जबलपुर ट्रेन बहाली और दयोदय एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चार घंटे तक रेल रोको आंदोलन किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना स्थगित हुआ, लेकिन संघर्ष की चेतावनी बरकरार है।

कटनी के रीठी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को कोटा-जबलपुर ट्रेन सेवा बहाल करने की मांग को लेकर रेल रोको प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों को समझाते पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी।
कटनी जिले के रीठी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया जब अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण रेल रोको आंदोलन पर उतर आए। रेलवे सेवाओं से जुड़ी मांगों को लेकर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन करीब चार घंटे तक जारी रहा, जिसके चलते प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग कोटा-जबलपुर ट्रेन के संचालन को पुनः शुरू करने की रही। ग्रामीणों का कहना था कि इस ट्रेन के बंद होने से क्षेत्र के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके विकल्प के रूप में उन्होंने दयोदय एक्सप्रेस का रीठी रेलवे स्टेशन पर नियमित स्टॉपेज सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए रेलवे स्टेशन परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे समय कड़ी निगरानी बनाए रखी, जिससे स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
धरना प्रदर्शन के दौरान रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से लगातार संवाद किया। कई दौर की चर्चा और समझाइश के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा रेलवे नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना रेल रोको आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में वे और बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य हो सकते हैं।
फिलहाल रीठी रेलवे स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है, लेकिन क्षेत्र के लोगों और प्रदर्शनकारियों की निगाहें अब रेलवे प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हुई हैं, जो इस आंदोलन की दिशा और भविष्य की रणनीति तय करेगा।

Pratahkal Bureau
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