कटनी में साइबर अपराधियों पर नकेल: जागरूकता रथ के जरिए आमजन को सुरक्षा का पाठ पढ़ाएगी पुलिस
क्या आप डिजिटल ठगी के खतरों से सुरक्षित हैं? कटनी पुलिस ने साइबर अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए छेड़ा एक महाअभियान। घर-घर पहुंचकर जागरूकता वाहन सिखाएगा सुरक्षा के गुर। जानिए, 1930 हेल्पलाइन कैसे बना सकती है आपको साइबर सुरक्षित।

कटनी पुलिस लाइन में साइबर अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (हरी झंडी लिए), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और नगर पुलिस अधीक्षक ख्याति मिश्रा (सबसे दाएं) जागरूकता वाहन को रवाना करते हुए।
डिजिटल युग की बढ़ती चकाचौंध के बीच साइबर अपराधों का जाल भी तेजी से फैल रहा है, जिसे भेदने और आम नागरिकों को सुरक्षा का कवच प्रदान करने के उद्देश्य से कटनी पुलिस ने एक महत्वाकांक्षी पहल की है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने 'साइबर अपराध/सुरक्षा जागरूकता माह' अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में एसपी ने विशेष रूप से तैयार किए गए साइबर सुरक्षा जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो अब शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचलों तक लोगों को साइबर ठगी के खतरों से आगाह करेगा।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 24 जून से अगले 15 दिनों तक जिले भर में सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु उन संभावित खतरों के प्रति आम जनता को शिक्षित करना है, जिनका शिकार होकर लोग अपनी गाढ़ी कमाई गवां बैठते हैं। यह जागरूकता वाहन विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर डिजिटल सुरक्षा के गुर सिखाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की समर्पित टीमें विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्राम पंचायतों में पहुंचकर सीधे संवाद करेंगी ताकि साइबर ठगों के नए तौर-तरीकों को आमजन आसानी से समझ सकें।
अभियान के दौरान ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक, असुरक्षित एपीके फाइल, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया हैकिंग और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। एसपी ने नागरिकों को आगाह किया कि अज्ञात व्यक्ति के साथ कभी भी ओटीपी साझा न करें और किसी भी संदेहास्पद लिंक या अनजान स्रोतों से एपीके फाइल डाउनलोड करने की गलती न करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, नगर पुलिस अधीक्षक ख्याति मिश्रा सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं न केवल सतर्क रहें, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने में सहभागिता निभाएं। यह अभियान न केवल साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि कटनी जिले को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने की एक संगठित कोशिश भी है, जिसका दूरगामी प्रभाव आम जनजीवन की सुरक्षा पर पड़ना तय है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
