Jharkhand Rajya Sabha Election Upset : झारखंड के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य की सत्ताधारी व्यवस्था में एक बड़ा सियासी भूचाल ला दिया है। झारखंड में उच्च सदन यानी राज्यसभा की सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक परिमल नाथवानी ने एक अप्रत्याशित और नाटकीय घटनाक्रम में शानदार जीत दर्ज की है। इस हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबले में सत्ताधारी इंडिया (INDIA) गठबंधन के स्पष्ट बहुमत के दावों को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए नाथवानी ने जीत का सेहरा अपने नाम बांधा है। इस अप्रत्याशित परिणाम ने न केवल विपक्षी खेमे में उत्सव का माहौल बना दिया है, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के भीतर की अंदरूनी कलह और गंभीर राजनीतिक अस्थिरता के संकेतों को भी सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है।

इस बेहद रोमांचक और संवेदनशील राजनैतिक मुकाबले के तकनीकी व सांख्यिकीय समीकरणों पर नजर डालें तो परिमल नाथवानी को जीत के लिए आवश्यक कोटे के बिल्कुल सटीक 28 मत प्राप्त हुए। यह चुनावी उलटफेर इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि 81 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का एक मजबूत और अभेद्य किला मौजूद था, जो सैद्धांतिक रूप से अपनी दोनों सीटें आसानी से जीतने में सक्षम था। इसके बावजूद, मतदान के दौरान विपक्षी खेमे में हुई जबरदस्त सेंधमारी के चलते इंडिया गठबंधन के रणनीतिकारों के पैर उखड़ गए। चुनाव परिणामों के अनुसार, गठबंधन की ओर से मैदान में उतारे गए कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को इस शर्मनाक पराजय का सामना करना पड़ा और वे महज 20 मतों पर ही सिमट कर रह गए, जबकि सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम दूसरी सीट पर अपनी जीत दर्ज करने में सफल रहे।

झारखंड की इस सियासी बिसात पर हुए इस बड़े खेल के पीछे सबसे प्रमुख वजह सत्ताधारी दलों के भीतर हुई क्रास वोटिंग और गंभीर अनुशासनहीनता को माना जा रहा है। आधिकारिक विनियामक रिपोर्टों और चुनावी विश्लेषण के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा-माले के एक-एक विधायक ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक व्हिप और गठबंधन धर्म को ठेंगा दिखाते हुए परिमल नाथवानी के पक्ष में खुलकर क्रास वोटिंग की। इसके अतिरिक्त, चुनाव की विनियामक और कानूनी बारीकियों के तहत इंडिया ब्लॉक के तीन विधायकों के मत पत्रों को मतगणना के दौरान अवैध (इनवैलिड) घोषित कर दिया गया, जिसने जले पर नमक का काम करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी की हार की पटकथा को पूरी तरह से मुकम्मल कर दिया।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही झारखंड से लगातार तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने का गौरव हासिल करने वाले दिग्गज उद्यमी और राजनीतिज्ञ परिमल नाथवानी ने अपनी इस कामयाबी के बाद देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमाम शीर्ष नेताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह जीत राज्य के विकास और सकारात्मक राजनीतिक बदलाव की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगी। विनियामक दृष्टिकोण से देखें तो इस चुनाव परिणाम ने चुनाव आयोग के कड़े नियमों और ओपन बैलेट सिस्टम की व्यवस्था के बावजूद विधायकों के असंतोष को सतह पर ला खड़ा किया है, जिसने सत्ताधारी दलों के विनियामक तंत्र की कमजोरी को भी जगजाहिर कर दिया है।

परिमल नाथवानी की इस अप्रत्याशित और चमत्कारी जीत के दूरगामी राजनैतिक परिणाम झारखंड की प्रादेशिक राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित करने वाले हैं। इंडिया गठबंधन के इस अभेद्य दुर्ग में लगी यह गहरी राजनीतिक सेंध इस बात का स्पष्ट और सीधा प्रमाण है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और आगामी दिनों में राज्य को एक गंभीर राजनीतिक संकट या अस्थिरता के दौर से गुजरना पड़ सकता है। चुनाव के यह परिणाम विपक्षी एनडीए गठबंधन के लिए एक बड़े बूस्टर डोज की तरह काम करेंगे, जो आने वाले समय में राज्य के भीतर नए सत्ता समीकरणों को जन्म दे सकते हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने कुनबे में लगी इस आग को बुझाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह बिखराव झारखंड की सत्ता के शीर्ष पर किसी बड़े परिवर्तन का आधार बनता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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