नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2025 26 ने शिक्षा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किए गए बजट में सरकारी स्कूलों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्टिविटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षा को लागू करने की घोषणा की, जिसे शिक्षा विशेषज्ञों और नीति विश्लेषकों ने एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा है। इस पहल का उद्देश्य न केवल छात्रों को डिजिटल संसाधनों तक पहुंच प्रदान करना है, बल्कि उन्हें वैश्विक शिक्षा और तकनीकी नवाचार के लिए तैयार करना भी है।

बजट में शिक्षा मंत्रालय को कुल ₹1.28 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन किया गया है, जिसमें विशेष जोर डिजिटल समावेशन, तकनीकी सशक्तिकरण और नवाचार के प्रसार पर दिया गया है। सरकार की योजना है कि अगले तीन वर्षों के भीतर देश के सभी सरकारी माध्यमिक स्कूलों में BharatNet परियोजना के माध्यम से ब्रॉडबैंड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका लाभ न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में पढ़ने वाले छात्रों को भी मिलेगा। इस पहल से छात्र ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, वीडियो लेक्चर, डिजिटल पाठ्यक्रम और आधुनिक शिक्षण प्लेटफॉर्म तक सीधे पहुंच पाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस कदम को शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड इंटरनेट की उपलब्धता छात्रों की सीखने की दक्षता बढ़ाएगी और उन्हें वैश्विक स्तर के शैक्षिक अवसरों से जोड़ने में मदद करेगी। इसके साथ ही बजट में AI केंद्रों का गठन भी प्रस्तावित किया गया है। विशेष रूप से, Centre of Excellence in Artificial Intelligence for Education के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को AI-आधारित शिक्षण एवं सीखने के संसाधनों से लैस करना है।

सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षण से छात्रों के भविष्य तैयारी कौशल में मजबूती आएगी और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे। इसके अलावा, बजट में 50,000 Atal Tinkering Labs की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है, जो STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को प्रोत्साहित करेगा और छात्रों में नवाचार की भावना को जागृत करेगा। डिजिटल शिक्षा संसाधनों के सही उपयोग से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को डिजिटल कौशल में भी सशक्त बनाया जा सकेगा।

बजट में शिक्षा के लिए आवंटित राशि पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 6.22 प्रतिशत अधिक है, जो शिक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता दर्शाती है। डिजिटल और AI आधारित शिक्षा की पहल के साथ-साथ भाषा आधारित डिजिटल सामग्री, जैसे कि ‘भारतीय भाषा पुस्तक योजना’ के माध्यम से छात्रों को उनकी मातृभाषा में डिजिटल पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह छात्रों के सीखने की प्रक्रिया को सहज बनाएगा और भाषा संबंधी बाधाओं को कम करेगा।

केंद्रीय बजट 2025 26 के प्रावधान शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और डिजिटल समावेशन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा और भविष्य तैयारी पर भी केंद्रित हैं। ब्रॉडबैंड इंटरनेट और AI आधारित शिक्षण के माध्यम से सरकारी स्कूलों के छात्र समान अवसरों का लाभ उठा पाएंगे और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता भी मिलेगी। इस पहल से शिक्षा प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन और नवाचार की नई गति आएगी और भारत को वैश्विक शिक्षा मंच पर एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

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