DI in insurance sector India : देश के वित्तीय ढांचे को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बीमा कंपनियों की सफलता का पैमाना केवल बड़ी पॉलिसियां या मुनाफा नहीं, बल्कि देश की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच होगा। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक में सचिव ने इस बात पर गहरा क्षोभ प्रकट किया कि कंपनियां अक्सर बड़े प्रीमियम के चक्कर में व्यापक आबादी को नजरअंदाज कर देती हैं। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि कंपनियों को अपनी नीतियों के मूल में 'जन-जन तक पहुंच' को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि देश का हर नागरिक वित्तीय सुरक्षा के कवच से लैस हो सके।

यह महत्वपूर्ण निर्देश एलआईसी (LIC), जीआईसी (GIC) और ओरिएंटल इंश्योरेंस (OICL) जैसी दिग्गज सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के आगामी तीन से पांच वर्षों के विजन रणनीति दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान दिए गए। वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैठक में इस बात पर गहन मंथन हुआ कि कैसे नए उत्पादों के विकास और डिजिटल तकनीक के समावेश से बीमा सेवाओं को सरल बनाया जाए। सचिव ने विशेष रूप से साइबर सुरक्षा के ढांचे को मजबूत करते हुए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही, जनता की शिकायतों का समय पर निवारण और वितरण नेटवर्क का विस्तार करना अब इन कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा, ताकि सेवा वितरण की गुणवत्ता में आमूल-चूल परिवर्तन लाया जा सके।

नियामकीय और कानूनी मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े बदलावों की रूपरेखा प्रस्तुत की है। सरकार ने स्वचालित मार्ग के तहत बीमा क्षेत्र में शत-प्रतिशत (100%) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को अधिसूचित कर दिया है, जो इस क्षेत्र में वैश्विक पूंजी और तकनीक के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करेगा। हालांकि, यह निवेश बीमा अधिनियम, 1938 के कड़े प्रावधानों और भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के अनिवार्य अनुमोदन के अधीन होगा। सचिव नागराजू द्वारा दिए गए ये रणनीतिक दिशा-निर्देश और विदेशी निवेश के नए द्वार, भारतीय बीमा बाजार को न केवल अधिक स्थिर बनाएंगे, बल्कि इसे एक ऐसी वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे जहाँ सुरक्षा केवल विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग तक सीमित नहीं रहेगी।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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