इंडसफूड 2026: क्या भारत बनेगा दुनिया की 'फूड फैक्ट्री'? ग्रेटर नोएडा बना ग्लोबल फूड हब
इंडसफूड 2026 का आयोजन 8–10 जनवरी को ग्रेटर नोएडा में होगा, जहाँ 120 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ भारत की वैश्विक खाद्य व्यापार में नेतृत्व भूमिका प्रदर्शित की जाएगी। यह आयोजन भारतीय खाद्य उद्योग, निर्यात और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को नई मजबूती देगा।

इंडसफूड 2026
वैश्विक खाद्य और पेय पदार्थ (एफ़एंडबी) व्यापार के बदलते परिदृश्य में भारत अपनी मजबूत उपस्थिति और विश्वसनीयता के साथ लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार आयोजन इंडसफूड 2026 एक बार फिर वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करने जा रहा है। इंडसफूड का नौवां संस्करण 8 से 10 जनवरी 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा, जहाँ भारत और विश्व के खाद्य उद्योग के प्रमुख हितधारक एक साथ जुटेंगे।
ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी भारत को वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी साझेदार के रूप में और अधिक सशक्त करने का लक्ष्य रखती है। एशिया के प्रमुख एफ़एंडबी ट्रेड शो के रूप में पहचाने जाने वाला इंडसफूड 2026 भारतीय खाद्य उत्पादकों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और वैश्विक संस्थानों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ दीर्घकालिक व्यापार साझेदारियों और द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाएँ आकार लेंगी।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान द्वारा किया जाएगा। उनका इस मंच पर उपस्थित होना सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सुदृढ़ करने, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और भारतीय खाद्य उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इंडसफूड 2026 की प्रमुख विशेषताओं में भारत–संयुक्त अरब अमीरात फूड कॉरिडोर जैसी अहम पहलों की शुरुआत शामिल है। अबू धाबी फूड हब द्वारा प्रस्तुत यह पहल खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुव्यवस्थित करने और भारत तथा यूएई के बीच द्विपक्षीय खाद्य व्यापार को तेज गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह पहल न केवल क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देगी, बल्कि वैश्विक खाद्य नेटवर्क में भारत की भूमिका को भी और सुदृढ़ करेगी।
प्रदर्शनी का एक और उल्लेखनीय आकर्षण सऊदी अरब की प्रमुख प्रदर्शक कंपनी अलसलान द्वारा अपने 75 वर्षों के कारोबारी सफर का उत्सव होगा। यह सांस्कृतिक और व्यावसायिक प्रस्तुति सऊदी अरब की दीर्घकालिक खाद्य व्यापार विरासत और भारत के साथ उसके मजबूत होते संबंधों को रेखांकित करेगी, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का प्रतीक है।
आयोजकों के अनुसार, इंडसफूड 2026 में 120 से अधिक देशों की भागीदारी अपेक्षित है। इस दौरान हजारों सत्यापित वैश्विक खरीदार, कई उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख संस्थान उपस्थित रहेंगे। यह विशाल सहभागिता आयोजन को न केवल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाएगी, बल्कि भारत को वैश्विक खाद्य व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक भूमिका भी निभाएगी।
समग्र रूप से, इंडसफूड 2026 भारत की खाद्य और पेय उद्योग की बढ़ती ताकत, नवाचार क्षमता और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का सशक्त प्रतीक बनकर उभरेगा। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भारत के खाद्य निर्यात, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक व्यापार नेतृत्व को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
