India Germany friendship at International Kite Festival : साबरमती रिवरफ्रंट का नीला आसमान सोमवार को न केवल रंग-बिरंगी पतंगों से सराबोर था, बल्कि यह भारत और जर्मनी के प्रगाढ़ होते कूटनीतिक संबंधों की एक ऐतिहासिक झलक का साक्षी भी बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव’ में एक साथ शिरकत की। कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और वैश्विक रणनीतियों की औपचारिकताओं को दरकिनार कर, दोनों शीर्ष नेताओं ने जब पतंग की डोर थामी, तो अहमदाबाद की जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस ‘काइट डिप्लोमेसी’ का स्वागत किया।

सांस्कृतिक स्वागत और 'वसुधैव कुटुम्बकम' का संदेश :

कार्यक्रम स्थल पर पहुँचते ही प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज का भव्य गुजराती परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। कलाकारों ने लोक संगीत और नृत्य के माध्यम से गुजरात की जीवंत संस्कृति को जर्मन मेहमान के सामने प्रस्तुत किया।

  • विशेष आकर्षण: प्रधानमंत्री मोदी ने ‘भारत – वसुधैव कुटुम्बकम’ के संदेश वाली विशेष पतंग उड़ाई, जो वैश्विक एकता के प्रति भारत के दृष्टिकोण को दर्शाती है।
  • जनसैलाब: दोनों नेताओं की एक झलक पाने के लिए रिवरफ्रंट पर भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोग भारत और जर्मनी के राष्ट्रीय ध्वज लहराते नजर आए।

गांधी की विरासत को नमन और अंतरराष्ट्रीय संवाद :

पतंग महोत्सव के उल्लास से पहले, प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और गांधीजी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। चांसलर मर्ज ने विजिटर्स बुक में अपने अनुभव साझा करते हुए गांधीवादी मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके पश्चात, महोत्सव में उन्होंने दुनिया भर से आए अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों से भी संवाद किया।

रणनीतिक शिखर सम्मेलन: भविष्य का रोडमैप

इस उत्सव के बाद दोनों नेताओं के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन सुनिश्चित है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, यह मुलाकात भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है। वार्ता के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • व्यापार और निवेश: आर्थिक संबंधों को नई गति देना और औद्योगिक सहयोग बढ़ाना।
  • रक्षा और सुरक्षा: अत्याधुनिक रक्षा तकनीक और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा।
  • हरित विकास (Green Growth): जलवायु परिवर्तन और नवाचार में अनुसंधान साझा करना।
  • शिक्षा और कौशल: दोनों देशों के युवाओं के बीच शिक्षा और कौशल विकास के अवसर पैदा करना।


Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story