पर्यावरण संरक्षण में भारतीय युवा सबसे आगे ; GenZ का जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अभियान...
भारत का जेनरेशन जेड जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को महसूस करते हुए, सक्रियता और नवाचार के साथ पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह युवा पीढ़ी डिजिटल आंदोलन।

GenZ पर्यावरण कार्यकर्ता, भारत
भारत में जेनरेशन जेड जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई में सबसे आगे है। युवा पीढ़ी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जागरूकता फैलाने, सामाजिक आंदोलनों का नेतृत्व करने और हरित उधमी (ग्रीन स्टार्टअप) शुरू करने में सक्रिय है। वे पर्यावरण संरक्षण के लिए मोबाइल ऐप से लेकर सोशल मीडिया अभियानों तक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे व्यापक स्तर पर लोगों को जोड़ने में सफलता मिल रही है। सरकारी पहल जैसे मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) के तहत व्यक्तिगत जीवनशैली में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाई जा रही है।
2030 तक भारत ने 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य रखा है, जिसमें युवा सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक (CCPI) 2025 में शीर्ष 10 देशों में शामिल है, हालांकि रैंकिंग में कुछ गिरावट आई है। Gen Z न केवल विरोध प्रदर्शन करते हैं जैसे दिल्ली ट्री प्रोटेस्ट, गोवा का सेव मोल्लेम अभियान और मुंबई का आरे फॉरेस्ट मूवमेंट, बल्कि वे हरित ऊर्जा, प्रदूषण नियंत्रण और प्लास्टिक उपयोग घटाने के लिए व्यावहारिक कदम भी उठा रहे हैं। वे पर्यावरण के प्रति जागरूक उपभोक्ता भी हैं, जो अधिक टिकाऊ और पारिस्थितिक रूप से सुरक्षित उत्पाद खरीदने को प्राथमिकता देते हैं।
Gen Z न केवल पर्यावरणीय आंदोलनों में और डिजिटल जागरूकता अभियानों में अग्रणी है, बल्कि वे हरित स्टार्टअप शुरू कर टिकाऊ उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं। वे पर्यावरण दोस्ताना जीवनशैली अपनाने वाले उपभोक्ता हैं और कार्यस्थल पर क्लाइमेट एक्शन की मांग करते हैं। उनकी यह सक्रिय भूमिका जलवायु संकट से निपटने के लिए न केवल आवश्यक है, बल्कि भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत उम्मीद भी प्रदान करती है।
इसके अलावा, युवा कर्मचारी और नवप्रवर्तनकारी अपने कार्यस्थल पर भी जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा दे रहे हैं। वे जलवायु चिंता (eco-anxiety) से निपटने के लिए समर्थन समूह और शैक्षिक कार्यक्रम भी चला रहे हैं। भारत का Gen Z जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रेरणादायक शक्ति बन चुका है, जो न केवल समस्या को समझता है बल्कि समाधान में भी आगे बढ़ रहा है। उनकी सक्रियता और समर्पण से देश में पर्यावरणीय सुधारों की दिशा में तेज़ी आई है और यह भविष्य के लिए आशाजनक संकेत है।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
