सोमनाथ के आकाश में उतरी भारतीय अस्मिता; भव्य ड्रोन शो देख मंत्रमुग्ध हुए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान भव्य ड्रोन शो और 'शौर्य यात्रा' में हिस्सा लिया। आस्था और आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस संगम को देख पीएम ने इसे भारतीय सभ्यता के साहस का प्रतीक बताया। श्री सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक में मंदिर के इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर हुई चर्चा की पूरी रिपोर्ट। सोमनाथ आक्रमण के 1000 वर्ष पर राष्ट्र का संदेश।

PM Modi Somnath drone show photos and social media post : भारतीय सभ्यता के साहस और अटूट विश्वास के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के तट पर एक ऐसी शाम ढली, जिसने प्राचीन विरासत को आधुनिक भविष्य से जोड़ दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गुजरात यात्रा के दौरान 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में शिरकत की, जहाँ समुद्र की लहरों के बीच आकाश में हजारों ड्रोन्स ने एक दिव्य प्रकाशपुंज की रचना की। इस भव्य ड्रोन शो को देखकर प्रधानमंत्री न केवल मंत्रमुग्ध हुए, बल्कि उन्होंने इसे हमारी प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक का एक बेमिसाल तालमेल करार दिया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने सोमनाथ की पावन धरा से भारत की सांस्कृतिक शक्ति का शंखनाद पूरे विश्व में कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने इस आध्यात्मिक प्रवास के दौरान प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन किए और सामूहिक ‘ओम’ जाप अनुष्ठान में भाग लेकर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। ड्रोन शो की अलौकिक तस्वीरों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया कि कैसे यह प्रकाशपुंज भारत की गौरवशाली विरासत को डिजिटल युग की क्षमता के साथ प्रदर्शित कर रहा है। उल्लेखनीय है कि यह आयोजन सन् 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक संदर्भ में किया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि शताब्दियों के दमन के बाद भी भारत का स्वाभिमान न केवल जीवित है, बल्कि नई ऊर्जा के साथ प्रज्वलित हो रहा है।
धार्मिक अनुष्ठानों के इतर, प्रधानमंत्री मोदी ने श्री सोमनाथ ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भी की। बतौर ट्रस्ट अध्यक्ष, उन्होंने मंदिर परिसर के बुनियादी ढांचे के उन्नयन (Infrastructure Upgradation) पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सोमनाथ की तीर्थयात्रा को श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित और यादगार बनाना है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सोमनाथ की यात्रा केवल एक धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की हिम्मत के गौरवशाली प्रतीक का साक्षात्कार है। तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आगामी परियोजनाओं और अत्याधुनिक सुविधाओं के विकास को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
रविवार की सुबह प्रधानमंत्री ने उस ऐतिहासिक 'शौर्य यात्रा' में भाग लेकर उन अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी थी। यह औपचारिक शोभायात्रा उन बलिदानियों के सम्मान का प्रतीक है जिनकी वजह से आज सोमनाथ का शिखर गर्व से आकाश चूम रहा है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा श्रद्धा, समीक्षा और सम्मान का एक ऐसा त्रिकोण है, जिसने सिद्ध कर दिया कि भारत अपनी विरासत को संजोने के साथ-साथ उसे आधुनिक चश्मे से देखने की दृष्टि भी विकसित कर चुका है। सोमनाथ का यह स्वाभिमान पर्व आने वाले समय में देश के सांस्कृतिक पुनरुद्धार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
