भारत बनेगा एक्सपोर्ट पावरहाउस; MSME को नई ताकत
केंद्रीय कैबिनेट ने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) को मंज़ूरी दी है, जिससे एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी। 25,060 करोड़ रुपये की इस योजना से ‘मेड इन इंडिया’ की गूंज वैश्विक बाजार में और मजबूत होगी, साथ ही क्रेडिट गारंटी स्कीम से निर्यातकों को वित्तीय सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मंज़ूर किए गए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) से देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को नई ताकत मिलेगी और भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह कदम न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक बाजार में ‘मेड इन इंडिया’ की पहचान को और भी गूंजदार बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने ईपीएम को स्वीकृति प्रदान की है, जो देश के निर्यात ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह मिशन एमएसएमई, फर्स्ट-टाइम एक्सपोर्टर्स और अधिक श्रम-प्रधान क्षेत्रों को विशेष रूप से लाभान्वित करेगा। यह सभी प्रमुख पक्षकारों को एक मंच पर लाकर ऐसा परिणाम-उन्मुख और प्रभावी सिस्टम तैयार करेगा, जो निर्यात प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ‘मेड इन इंडिया’ की गूंज विश्व बाजार में और अधिक प्रखर रूप से सुनाई दे।” उनके अनुसार, यह मिशन एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए कॉम्प्रिहेंसिव, फ्लेक्सिबल और डिजिटल संचालित फ्रेमवर्क उपलब्ध कराएगा। सरकार ने इस योजना के लिए पाँच वर्षों की अवधि, वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक निर्धारित की है, जिसमें कुल परिव्यय 25,060 करोड़ रुपये रखा गया है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने निर्यातकों के लिए लाई गई क्रेडिट गारंटी स्कीम को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह स्कीम वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी, व्यावसायिक संचालन को सुगम बनाएगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगी। इस स्कीम के तहत नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) सदस्य क्रेडिट संस्थानों को 100 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी कवरेज प्रदान करेगी, जिससे पात्र निर्यातकों, विशेषकर एमएसएमई को, 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त ऋण सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कैबिनेट के इन निर्णयों से देश की आर्थिक स्थिरता को बल मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी, और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। सरकार का यह कदम भारत को वैश्विक व्यापार में अधिक सक्षम, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
