भारत-यूके एफटीए लागू, पीयूष गोयल बोले- व्यापार, निवेश और नवाचार के खुलेंगे नए अवसर
भारत-यूके एफटीए लागू होने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार, निवेश, रोजगार और निर्यात के नए अवसरों की बात कही। जानिए किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ।

तस्वीर में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पोडियम पर लगे माइक के सामने खड़े होकर हाथ के इशारे से संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
भारत-यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौता (India-UK FTA) बुधवार से लागू हो गया है। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता व्यापार, निवेश और नवाचार के लिए नए अवसर खोलने वाला है।
एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित अपने लेख में पीयूष गोयल ने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता कारोबार जगत के लिए विशिष्ट अवसर पैदा करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी समझौता समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाएगा और भारत के लोगों की क्षमता तथा आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि India-UK FTA से महिलाओं, किसानों, युवाओं, एमएसएमई, नवोन्मेषकों, पेशेवरों और मछुआरा समुदाय को अनेक अवसर प्राप्त होंगे।
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते का लाभ केवल भारतीय निर्यातकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न कौशल वाले व्हाइट-कॉलर सेवा क्षेत्र के पेशेवरों को भी इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि समझौते के तहत यूनाइटेड किंगडम को होने वाले भारत के लगभग सभी निर्यात शुल्क-मुक्त पहुंच का लाभ प्राप्त करेंगे, जिससे छोटे व्यवसायों, किसानों, मछुआरों, नवोन्मेषकों, महिलाओं और श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता बड़ी संख्या में रोजगार और कारोबारी अवसर सृजित कर समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा। साथ ही भारतीय विनिर्माताओं को चरणबद्ध तरीके से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का सामना करने का अवसर मिलेगा, जिससे देश के नागरिकों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते से 75 हजार से अधिक भारतीय पेशेवरों और 900 से अधिक कंपनियों को लाभ मिलने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि इस समझौते में डेयरी, सब्जियां, सेब, खाद्य तेल, ओट्स, मोटे अनाज (मिलेट्स), कुकिंग ऑयल सहित अन्य संवेदनशील कृषि उत्पादों को संवेदनशील सूची में रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों पर यूनाइटेड किंगडम को किसी भी प्रकार की शुल्क रियायत नहीं दी गई है। पीयूष गोयल ने कहा कि ये प्रावधान सरकार की उस रणनीति को दर्शाते हैं, जिसके तहत खाद्य सुरक्षा, घरेलू मूल्य स्थिरता और कमजोर किसान समुदायों के हितों को प्राथमिकता दी गई है।

Pratahkal Bureau
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