भारत-यूके व्यापार समझौता लागू होने पर उपराष्ट्रपति बोले, CETA से व्यापार और पेशेवरों को मिलेगा बड़ा अवसर
भारत-यूके CETA लागू होने पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। जानिए समझौते से किन क्षेत्रों और पेशेवरों को मिलेगा लाभ।

तस्वीर में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन चश्मा पहने हुए और मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (Comprehensive Economic and Trade Agreement-CETA) के लागू होने का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे साझेदारी संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक भागीदारी को दर्शाती है।
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौता बुधवार से प्रभावी हो गया। इसके लागू होने के साथ ही कई उत्पादों पर शुल्क में कटौती का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे वस्तुओं और सेवाओं के दोतरफा आवागमन को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है।
भारत-यूके CETA पर पिछले वर्ष जुलाई में हस्ताक्षर किए गए थे।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में कहा, "ये समझौते बाजार तक पहुंच का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे, व्यापार और सेवा क्षेत्र को मजबूत करेंगे तथा पेशेवरों की अधिक आवाजाही को सुगम बनाएंगे। इससे हमारे व्यवसायों, उद्यमियों, किसानों, विनिर्माताओं, एमएसएमई और कुशल कार्यबल के लिए नए अवसर पैदा होंगे।"
उन्होंने कहा कि यह समझौता वस्त्र, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, समुद्री उत्पाद, रसायन और प्रसंस्कृत खाद्य जैसे क्षेत्रों की अपार संभावनाओं को भी सामने लाएगा। भारत-यूके CETA के लागू होने के साथ दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Pratahkal Bureau
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