एक हफ्ते में दो बार तलब हुए अमेरिकी CdA जेसन मीक्स ; पश्चिम एशिया संकट पर भारत का कड़ा रुख
पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों को लेकर चल रहे जहाजों पर लगातार हमलों के बाद भारत ने अमेरिकी चार्ज द'अफेयर्स जेसन मीक्स को दूसरी बार तलब किया। एमटी सेटेबेलो हमले में तीन भारतीयों की मौत के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए समुद्री सुरक्षा, जवाबदेही और भारतीय नागरिकों की रक्षा पर जोर दिया।

अमेरिकी दूतावास प्रभारी जेसन मीक्स तलब
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच भारत ने एक बार फिर कड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (चार्ज द'अफेयर्स) जेसन मीक्स को एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार तलब किया है। यह कदम उन घटनाओं के बाद उठाया गया है जिनमें खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों को लेकर चल रहे कई वाणिज्यिक जहाज हमलों की चपेट में आए हैं। इसे पश्चिम एशिया में इस वर्ष बढ़े संघर्ष के बाद भारत की सबसे सशक्त कूटनीतिक प्रतिक्रियाओं में से एक माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, हाल के दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी के आसपास कम से कम तीन ऐसे व्यापारी जहाजों पर हमले हुए हैं जिनमें भारतीय नाविक सवार थे। ये घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्र में समुद्री नाकेबंदी से जुड़ी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
Breaking: India summons US CdA over attacks impacting Indians in the West Asian regionpic.twitter.com/xCh4Co0xx7 https://t.co/KYVRxPRAGY
— Sidhant Sibal (@sidhant) June 12, 2026
इन घटनाओं में सबसे गंभीर हमला पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुआ। इस जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। ओमान तट के निकट हुए इस हमले में 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवारों को झकझोर दिया है, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत हजारों भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक भारतीय नाविकों की पहचान चीफ इंजीनियर पतनाला सुरेश, डेक कैडेट आदित्य शर्मा और फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है। तीनों एमटी सेटेबेलो पर तैनात थे और हमले के दौरान उनकी जान चली गई। उनकी मौत ने भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सक्रिय होने के लिए मजबूर कर दिया है।
इसी पृष्ठभूमि में विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय नागरिकों को लेकर चल रहे जहाजों पर बार-बार होने वाले हमले अत्यंत चिंताजनक और अस्वीकार्य हैं। भारत ने यह भी दोहराया कि किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष का खामियाजा निर्दोष नागरिक नाविकों को नहीं भुगतना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवाद और कूटनीति ही स्थायी समाधान का मार्ग हैं। साथ ही उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि दुनिया भर में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि एमटी सेटेबेलो को ईरानी तेल आपूर्ति से जुड़े समुद्री प्रतिबंधों को लागू करने की कार्रवाई के दौरान निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जहाज ने कथित तौर पर चेतावनियों और सैन्य निर्देशों की अनदेखी की थी। हालांकि जहाज संचालकों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जहाज का ईरानी तेल व्यापार से कोई संबंध नहीं था और उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
भारतीय अधिकारियों का मानना है कि एमटी सेटेबेलो पर हमला कोई अकेली घटना नहीं है। हाल के दिनों में एमटी मारिवेक्स नामक जहाज पर आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। इसके अलावा ओमान के निकट एक अन्य व्यापारी जहाज पर हमला हुआ, जबकि ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भी एक नई समुद्री घटना की सूचना मिली है। इन लगातार घटनाओं ने नई दिल्ली की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने कई आपात कदम उठाए हैं। समुद्री और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। भारतीय नौसेना और शिपिंग अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है। खाड़ी क्षेत्र में संचालित भारतीय जहाजों और नाविकों की निगरानी को और मजबूत किया गया है। साथ ही अमेरिका के साथ कूटनीतिक स्तर पर लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
यह मुद्दा भारत के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े समुद्री कार्यबलों में से एक भारत का है। वैश्विक स्तर पर तीन लाख से अधिक भारतीय नाविक कार्यरत हैं और हर महीने हजारों भारतीय खाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अपनी सेवाएं देते हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में गिना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है।
फिलहाल भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को तत्काल रोकने की मांग की है और जिम्मेदारी तय करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है तथा पश्चिम एशिया की तेजी से बदलती परिस्थितियों पर करीबी नजर बनाए हुए है। एमटी सेटेबेलो पर मारे गए तीन भारतीय नाविकों की मौत और भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष अब सीधे तौर पर भारतीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावित करने लगा है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
