Imran Pratapgarhi Rajya Sabha : संसद के उच्च सदन राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान माहौल तब गरमा गया, जब कांग्रेस सांसद और प्रसिद्ध शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में सरकार पर अल्पसंख्यकों की अनदेखी करने और आदिवासियों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। प्रतापगढ़ी का यह संबोधन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही हालिया घटनाओं को सिलसिलेवार तरीके से सदन के पटल पर रखा।

छत्तीसगढ़ से उत्तराखंड तक: सरकार की घेराबंदी

इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने भाषण में आदिवासियों के विस्थापन से लेकर कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • हसदेव अरण्य का मुद्दा: उन्होंने छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य जंगलों में हो रही पेड़ों की कटाई और इसके कारण आदिवासियों के बड़े पैमाने पर विस्थापन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर आदिवासियों के अस्तित्व से खिलवाड़ कर रही है।
  • अंकिता भंडारी हत्याकांड: उत्तराखंड के ऋषिकेश में भाजपा से जुड़े एक पूर्व नेता के रिसॉर्ट में हुई रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने न्याय में देरी पर सवाल उठाए।
  • मुस्लिम संपत्तियों पर बुलडोजर: प्रतापगढ़ी ने अदालत के आदेशों के बावजूद मुस्लिम संपत्तियों के विध्वंस (डेमोलिशन) का मामला उठाया और इसे एक समुदाय विशेष को लक्षित करने वाली कार्रवाई बताया।

धार्मिक स्वतंत्रता और पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल :

सांसद ने सदन में उन घटनाओं का भी उल्लेख किया जहाँ शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया कार्रवाई की गई। उन्होंने हाल के उन मामलों का जिक्र किया जहाँ नमाज़ पढ़ने या क्रिसमस की तैयारियों में लगे लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने एक विशिष्ट मामले का भी संदर्भ दिया जिसमें एक व्यक्ति पर सिर्फ इसलिए आरोप लगाए गए क्योंकि वह एक मुस्लिम दुकानदार का बचाव कर रहा था।

संसदीय कार्यवाही और तकनीकी हस्तक्षेप :

इमरान प्रतापगढ़ी के भाषण के दौरान सदन में भारी हंगामा भी देखने को मिला। उपसभापति हरिवंश ने उनकी कुछ टिप्पणियों और तीखे लहजे पर उन्हें टोकते हुए मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दिया। विशेष रूप से, उनके भाषण की अंतिम पंक्तियों के दौरान काफी व्यवधान हुआ। यह भी देखा गया कि 'संसद टीवी' के सबटाइटल्स में उनके संबोधन के कुछ विवादित हिस्सों और संदर्भों को हटा दिया गया था, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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