मध्य प्रदेश में आदिवासी नायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उत्सव के बीच एक सरकारी कार्यक्रम ने अचानक इतिहास की व्याख्या को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया। आगर मालवा जिले में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में बोलते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने राजा राम मोहन राय को ब्रिटिश शासकों का एजेंट करार देते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने ही उनके द्वारा चलाए जा रहे “धर्मांतरण के दुष्चक्र” को रोकने का साहस दिखाया था।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री परमार ने कहा कि 19वीं सदी में बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में अंग्रेजी शिक्षा के माध्यम से लोगों की आस्था बदलने का एक सुनियोजित चक्र चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि ब्रिटिश शासकों ने कई भारतीयों को “नकली समाज सुधारक” बनाया और राजा राम मोहन राय उनमें से एक थे जो ब्रिटिश एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। मंत्री ने आगे कहा कि कुछ फर्जी समाज सुधारकों द्वारा चलाए जा रहे धर्म परिवर्तन के चक्र को रोकने का साहस यदि किसी ने दिखाया तो वह बिरसा मुंडा थे, जिन्होंने आदिवासी समुदाय को बचाने का काम किया।


राजा राम मोहन राय को आधुनिक भारत के पुनर्जागरण का जनक माना जाता है। सती प्रथा उन्मूलन, विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहन और 1828 में ब्रह्म सभा की स्थापना जैसे उनके कार्यों के लिए उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त है, जो बाद में ब्रह्म समाज के रूप में प्रसिद्ध हुआ। मंत्री का यह बयान इतिहास के इन स्थापित तथ्यों से अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।


मध्य प्रदेश सरकार राज्य भर में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में धूमधाम से मना रही है। विभिन्न जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार और सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा आयुष विभाग संभाल रहे मंत्री इंदर सिंह परमार का यह बयान आगर मालवा में आयोजित एक ऐसे ही सरकारी कार्यक्रम के दौरान सामने आया।


यह बयान इतिहास, समाज सुधार और औपनिवेशिक काल की व्याख्या को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है। एक ओर जहां सरकार आदिवासी गौरव को याद कर रही है, वहीं मंत्री का राजा राम मोहन राय को लेकर दिया गया बयान विपक्ष और इतिहासकारों के बीच तीखी प्रतिक्रिया का कारण बन सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और बौद्धिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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