गुरुग्राम में सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है। फर्जी और सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए समाज में भ्रम और तनाव फैलाने के आरोप में यह कार्रवाई की गई, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

गुरुग्राम पुलिस ने कौशांबी जिला उपाध्यक्ष शौर्य मिश्रा को सोशल मीडिया पर एक फर्जी खबर साझा करने और उसे हटाने से इनकार करने के आरोप में हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, संबंधित पोस्ट न केवल तथ्यहीन थी, बल्कि उसका स्वर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने वाला भी था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पुलिस द्वारा स्पष्ट रूप से जानकारी देने और खबर को फेक बताए जाने के बावजूद आरोपी ने पोस्ट को हटाने से इनकार कर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की पोस्ट धार्मिक और सामाजिक सौहार्द को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी की गई। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारीहीन और भ्रामक सामग्री साझा करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति या पद का लिहाज नहीं किया जाएगा।

इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि समाज में शांति और विश्वास बनाए रखने के लिए फेक न्यूज और सांप्रदायिक सामग्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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