गुजरात का 5000 साल पुराना गौरवशाली इतिहास ; जानिए कैसे बना यह राज्य भारत की आर्थिक रीढ़
गुजरात का यह विस्तृत लेख इसकी प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आधुनिक औद्योगिक विकास तक की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाता है। लोथल, धोलावीरा, मौर्य, मुगल और मराठा काल से लेकर आज की आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक पहचान तक गुजरात की गौरवशाली विरासत का संपूर्ण वर्णन प्रस्तुत किया गया है।

गुजरात की सांस्कृतिक पहचान और प्रतीकों को दर्शाता सूचनात्मक ग्राफ़िक
भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गुजरात राज्य न केवल अपनी भौगोलिक विशिष्टता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति और आर्थिक प्रगति का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। लगभग 2,340 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा के साथ यह देश का सबसे लंबा तटीय राज्य है, जो काठियावाड़ प्रायद्वीप पर फैला हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 6.04 करोड़ जनसंख्या वाला यह राज्य क्षेत्रफल में भारत का पाँचवां सबसे बड़ा राज्य है।
गुजरात की राजधानी गांधीनगर है, जबकि इसका सबसे बड़ा शहर अहमदाबाद है। गुजराती भाषा यहाँ की आधिकारिक भाषा है और राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। इतिहास के पन्नों में गुजरात का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है। यह क्षेत्र प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख केंद्रों में से एक रहा है, जहाँ लोथल, धोलावीरा और गोलाधोरो जैसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल स्थित हैं। लोथल को विश्व का पहला ज्ञात बंदरगाह और सूखी गोदी (ड्राई डॉक) माना जाता है, जबकि धोलावीरा भारत के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण प्राचीन नगरों में से एक है।
प्राचीन काल में मौर्य साम्राज्य के अंतर्गत यह क्षेत्र विकसित हुआ, जहाँ सम्राट अशोक के शिलालेख जूनागढ़ में पाए जाते हैं। इसके बाद शुंग, सातवाहन, गुप्त और पश्चिमी क्षत्रपों जैसे अनेक राजवंशों ने इस भूमि पर शासन किया। व्यापारिक दृष्टि से भी गुजरात अत्यंत समृद्ध रहा और मिस्र, सुमेर तथा फारस की खाड़ी तक इसके व्यापारिक संबंध स्थापित थे।
मध्यकाल में 8वीं शताब्दी के आसपास अरब आक्रमणों का प्रभाव पड़ा, लेकिन स्थानीय शक्तियों ने इसका प्रतिरोध किया। 13वीं शताब्दी में दिल्ली सल्तनत के अधीन आने के बाद यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से परिवर्तित हुआ। बाद में जफर खान मुजफ्फर ने स्वतंत्रता स्थापित कर मुजफ्फर शाह प्रथम के रूप में गुजरात सल्तनत की नींव रखी। अहमद शाह ने अहमदाबाद को राजधानी बनाकर राज्य को नई पहचान दी।
1572 में सम्राट अकबर ने गुजरात को मुगल साम्राज्य में शामिल किया, जिसके बाद सूरत एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक बंदरगाह बन गया और इसे “बाब-उल-मेक्का” की उपाधि प्राप्त हुई। 17वीं शताब्दी में मराठा शक्ति का उदय हुआ और शिवाजी ने सूरत पर आक्रमण किया। बाद में गायकवाड़ वंश ने बड़ौदा में अपना शासन स्थापित किया।
आधुनिक समय में गुजरात भारत के सबसे औद्योगिक राज्यों में से एक बनकर उभरा है। राज्य की अर्थव्यवस्था देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यह भारत के कुल निर्यात में लगभग एक-तिहाई का योगदान देता है। जामनगर में विश्व का सबसे बड़ा डेटा सेंटर स्थापित होने की दिशा में भी प्रगति हुई है। गिर राष्ट्रीय उद्यान में विश्व में केवल पाई जाने वाली एशियाई शेरों की आबादी भी गुजरात की विशेष पहचान है। राज्य में शराब पर प्रतिबंध लागू है और अहमदाबाद, वडोदरा एवं सूरत जैसे शहरों को सुरक्षित शहरों में गिना जाता है। गुजरात आज अपने ऐतिहासिक गौरव, सांस्कृतिक विरासत और तेज औद्योगिक विकास के कारण भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में अग्रणी स्थान रखता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
