सरकार ने NADA की क्षमता बढ़ाकर एंटी-डोपिंग पर कड़ा शिकंजा कसा
भारत सरकार ने एंटी-डोपिंग प्रयासों को मजबूत किया है। NADA ने 2025 में 7,751 डोप कंट्रोल टेस्ट करने की योजना बनाई और नया डिजिटल पोर्टल NIDAMS लॉन्च किया। शिक्षा, जागरूकता और डिजिटल निगरानी से भारत खेलों में पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनेगा।

NADA India 2025 doping test expansion
NADA India 2025 doping test expansion : भारत सरकार ने खेलों में ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपने एंटी-डोपिंग प्रयासों को और मजबूत किया है। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने वर्ष 2025 के लिए अपनी टेस्टिंग क्षमता में अभूतपूर्व विस्तार किया है, जिससे खेल जगत में डोपिंग नियंत्रण और निगरानी अधिक प्रभावी हो सके।
साल 2025 में NADA द्वारा 7,751 डोप कंट्रोल टेस्ट किए जाने की योजना है, जबकि 2024 में यह संख्या 7,474 और 2023 में 5,794 थी। इस व्यापक विस्तार के साथ, एजेंसी ने डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए नया पोर्टल ‘NIDAMS’ (NADA India Data Administration & Management System) लॉन्च किया है। यह पोर्टल खिलाड़ियों की टेस्टिंग प्लानिंग को आसान और पारदर्शी बनाता है, मिशन ऑर्डर जारी करने, डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सैंपल कलेक्शन प्रक्रिया में मदद करता है। NIDAMS पूरी तरह से WADA के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करता है।
NADA ने देशभर के हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटरों में व्यापक शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम चलाए हैं। इनमें एथलीट, कोच, ट्रेनर और मेडिकल स्टाफ को डोपिंग के खतरों, प्रोहिबिटेड सब्सटेंस, थेरेप्यूटिक यूज एक्सेम्प्शन (TUE) और वेयरअबाउट्स कंप्लायंस की जानकारी दी जाती है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में एंटी-डोपिंग बूथ स्थापित किए जाते हैं, और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, खेलो इंडिया तथा राज्य खेल संस्थाओं के सहयोग से इन कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाया जाता है।
NADA इन-कम्पटीशन और आउट-ऑफ-कम्पटीशन दोनों प्रकार की टेस्टिंग करता है। हाई-परफॉर्मेंस खिलाड़ियों को रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में रखा जाता है ताकि उनकी नियमित निगरानी हो सके। राष्ट्रीय खेल संघों (NSFs), स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से शिक्षा और अनुपालन को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
इसके अलावा, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे ‘नो योर मेडिसिन ऐप’ और ADELE को बढ़ावा दिया गया है, ताकि खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थों की पहचान कर सकें। टीवी और रेडियो प्रोग्राम, वीडियो और ऑडियो सामग्री के माध्यम से लगातार जागरूकता बढ़ाई जा रही है। यह समग्र प्रयास हिमाचल प्रदेश समेत पूरे भारत में लागू हैं और भारत को वैश्विक एंटी-डोपिंग मानकों के अनुरूप बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। यह जानकारी युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।
भारत का यह कदम खेलों में पारदर्शिता और नैतिकता को सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। NADA की बढ़ती टेस्टिंग क्षमता और डिजिटल निगरानी प्रणाली एथलीटों को डोपिंग से रोकने के साथ ही भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिष्ठा को भी मजबूत करेगी।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
