भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक निवेश की तैयारी है। वैश्विक तकनीकी दिग्गज Google लगभग 10 अरब डॉलर का निवेश करके आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में 1 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना करने जा रहा है। यह निवेश कंपनी का भारत में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष निवेश होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना की औपचारिक डील 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में Google के शीर्ष अधिकारियों और आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश के बीच अंतिम रूप से तय की जाएगी।

विजयवाड़ा के तीन प्रमुख कैंपस में होगा निर्माण

डेटा सेंटर क्लस्टर में तीन कैंपस शामिल होंगे। ये विजयवाड़ा जिले के अडविवराम और तारलुवाडा गांवों तथा अनकापल्ली जिले के रामबिली गांव में स्थापित किए जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी सेंटर जुलाई 2028 तक कार्यरत होने की संभावना है। परियोजना के निर्माण में उच्च क्षमता वाले सबमरीन केबल्स, समर्पित केबल लैंडिंग स्टेशन, हाई-कैपेसिटी मेट्रो फाइबर लाइन और दूरसंचार अवसंरचना का विकास शामिल होगा।

मुख्यमंत्री न. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में निवेश मंजूरी

आंध्र प्रदेश स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री न. चंद्रबाबू नायडू करते हैं, बुधवार को इस निवेश प्रस्ताव को मंजूरी देने की संभावना है। इस परियोजना के लागू होने के बाद यह Google का भारत में अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल निवेश बन जाएगा। मुख्यमंत्री नायडू ने पहले ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और कॉपीराइट अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किए थे ताकि डेटा सिटी के विकास को प्रोत्साहित किया जा सके। इसके बाद केंद्र ने डेटा सेंटर के लिए नीति ढांचा तैयार करने का मसौदा तैयार किया।

भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब

Google की एशिया-पॅसिफिक टीम ने इस वर्ष मई में विशाखापट्टणम का दौरा किया था, जिसमें मंत्री लोकेश ने उन्हें संभावित स्थलों का निरीक्षण कराया। प्रस्तावित डेटा सेंटर क्लस्टर भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब का हिस्सा होगा, जो एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र में समेकित डिजिटल अवसंरचना का केंद्र बनेगा।

बड़ी तकनीकी कंपनियों से डेटा सेंटर की मांग बढ़ी

वर्तमान में, Amazon, Microsoft और Google मिलकर भारत में डेटा सेंटर की लगभग 30 प्रतिशत मांग पूरी कर रहे हैं, और यह हिस्सा भविष्य में 35 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। NTT Global Data Centers के इंडिया मैनेजिंग डायरेक्टर अलोक बाजपाई के अनुसार, बड़ी तकनीकी कंपनियों के लिए ‘हाइपरस्केलर’ आदेश अभी लंबित हैं, क्योंकि कंपनियां उन्हें अभी अंतिम रूप देने में देरी कर रही हैं। हाइपरस्केलर बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर संचालित करते हैं जो विशाल कार्यभार को संभालने के लिए अत्यधिक स्केलेबिलिटी के लिए डिजाइन किए जाते हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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