दक्षिण गोवा के पर्तगाली (कनाकोना) स्थित Shree Samsthan Gokarn Partagali Jeevottam Mutt के 550‑वें वर्ष उत्सव “सार्ध पंचशतामनोत्सव” के अवसर पर शुक्रवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से भगवान श्रीराम की 77‑फुट ऊँची कांस्य की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया, जिसे विश्व की अब तक की सबसे ऊँची श्रीराम मूर्ति कहा जा रहा है।

इस विशाल प्रतिमा के शिल्पकार हैं राम सुतार वही मूर्तिकार जिन्होंने गुजरात की Statue of Unity बनाई थी। उनका यह नया सृजन, भगवान श्रीराम की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को एक नए रूप में प्रस्तुत करता है। कांस्य से निर्मित यह प्रतिमा मठ एवं गोवा के लिए गर्व का विषय बन गई है।

अनावरण समारोह दोपहर 3:45 बजे शुरू हुआ, जिसके लिए मठ परिसर में विशेष हेलिपैड तक बनाया गया था। प्रधानमंत्री के पहुंचने पर उन्होंने मठ परिसर में स्थित मंदिर में दर्शन-पूजा की। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं और गणमान्य जनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह मठ 550 वर्ष पुरानी अपनी समृद्ध परंपरा के साथ बदलते समय में भी समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करता रहा है। उन्होंने इस प्रतिमा को एक “नई पहचान” बताते हुए कहा कि यह न केवल भक्तों के लिए बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत के उत्सव एवं संवर्धन का प्रतीक बनेगी।

समारोह में गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय मंत्री श्रीपाद नाइक, राज्य मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य तथा अनेक श्रद्धालु एवं आम नागरिक उपस्थित थे। आयोजकों का अनुमान है कि उत्सव अवधि में प्रतिदिन 7,000 से 10,000 श्रद्धालु मठ पहुंचेंगे। इस दौरान मठ परिसर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण भी किया गया है, ताकि धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सुगमता से आयोजित किया जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर न केवल प्रतिमा का अनावरण किया, बल्कि मठ द्वारा स्थापित रामायण थीम पार्क का भी शुभारंभ किया। इसके साथ ही एक स्मारक डाक टिकट और संग्रहणीय सिक्का जारी किया गया, ताकि इस ऐतिहासिक घटना को भावी पीढ़ियों तक संजोया जा सके।

इस आयोजन का धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से बड़ा महत्व है। 77‑फुट की इस मूर्ति के रूप में भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादाओं का प्रतीक स्थापित होने से न केवल मठ की महत्ता बढ़ी है, बल्कि गोवा एक नए धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में गौरवान्वित हुआ है। यह प्रतिमा आने वाले दशकों तक श्रद्धालुओं, इतिहासकारों और पर्यटकों को आकर्षित करने का काम करेगी।

इस प्रकार, गोवा में यह दिन एक नए अध्याय की शुरुआत बन गया जहां 550 वर्षीय मठ की विरासत और आधुनिक भव्यता का संगम हुआ, और भगवान श्रीराम की मूर्ति ने भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक नई ऊँचाई दी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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