गाजियाबाद में हुआ भीषण अग्निकांड; दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक दिखी लपटें
इंदिरापुरम के अभय खंड में शॉर्ट सर्किट के कारण 12 फ्लैट जलकर खाक हो गए, दमकल की 11 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह आग पर काबू पाया।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित अभय खंड की एक बहुमंजिला इमारत में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग को बुझाने का प्रयास करते दमकल कर्मी।
Ghaziabad high-rise fire : दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत उस समय दहल उठी जब आधी रात के सन्नाटे को चीरती हुई आग की ऊंची लपटों ने कई घरों को अपनी आगोश में ले लिया। इंदिरापुरम के अभय खंड स्थित एक हाईराइज सोसाइटी में लगी इस भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 10 से 12 फ्लैटों को पूरी तरह से राख कर दिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी साफ नजर आ रहा था। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन करोड़ों की संपत्ति जलकर स्वाहा हो गई है।
घटनाक्रम के अनुसार, आग संभवतः बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और तेजी से इमारत की छह मंजिलों पर फैल गई। जिस वक्त आग लगी, अधिकांश निवासी गहरी नींद में थे, लेकिन लपटों को देख मची अफरा-तफरी के बीच लोगों ने जान बचाने के लिए भागना शुरू कर दिया। इस संकट की घड़ी में पड़ोसी धर्म की अनूठी मिसाल भी देखने को मिली, जहां आसपास के फ्लैटों के निवासियों ने अपनी बालकनी से पाइप और होज पाइप के जरिए आग बुझाने की जद्दोजहद शुरू कर दी। वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम और विनोद कापड़ी ने इस घटना को प्रमुखता से उठाते हुए अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए। उनके अनुसार, दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में करीब 35 मिनट की देरी हुई, जिसने निवासियों के डर को और बढ़ा दिया।
#WATCH | Uttar Pradesh: A massive fire has broken out at Gaur Green Avenue in Abhay Khand, Indirapuram, Ghaziabad. More details awaited. pic.twitter.com/9t5OsoInfL
— ANI (@ANI) April 29, 2026
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आग बुझाने के शुरुआती प्रयासों के दौरान पानी का दबाव बेहद कम था, जिससे आग पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। सोसाइटी में गैस पाइपलाइन और सिलेंडरों की मौजूदगी के कारण लोग संभावित विस्फोटों के डर से कांप रहे थे। हालांकि, सूचना मिलने के बाद दमकल की 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 4:35 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते आग को और फैलने से रोका, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।
ग़ाज़ियाबाद में गौर ग्रीन में भयंकर आग लगी है. पत्रकार अजीत अंजुम @ajitanjum यहीं रहते हैं. आग उनके फ्लोर तक पहुंच रही है. फायर ब्रिगेड के पास सीढ़ी वाली गाड़ी नहीं है. प्रशासन तुरंत मदद पहुंचाएं @ghaziabadpolice @dm_ghaziabad pic.twitter.com/pAC2kqc5pw
— Milind Khandekar (@milindkhandekar) April 29, 2026
वर्तमान में प्रशासन और दमकल विभाग इस भीषण अग्निकांड के सटीक कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच शॉर्ट सर्किट की ओर इशारा कर रही है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यह घटना हाईराइज सोसायटियों में अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Standards) और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय (Emergency Response Time) को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। घनी आबादी वाले इन इलाकों में अग्निशमन तंत्र की सुस्ती किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि आधुनिक सुख-सुविधाओं के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी महंगी पड़ सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
