मात्र 4 लाख में पुरानी मारुति 800 को बना दिया करोड़ों की 'Lamborghini'! झारखंड के मैकेनिक का हैरतअंगेज जुगाड़
झारखंड के चांडिल में मैकेनिक मोहम्मद आरिफ ने मात्र 4 लाख रुपये में पुरानी मारुति 800 को आलीशान लैंबॉर्गिनी अवेंटाडोर रेप्लिका में बदलकर सबको चौंका दिया है। दो साल की कड़ी मेहनत और 'टार्जन गैराज' के हुनर से तैयार यह 'देसी लैंबॉर्गिनी' अब सड़कों पर चर्चा का विषय बनी हुई है। आरिफ की इस प्रेरक कहानी और उनकी कलाकारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

प्रतिभा किसी बड़े शहर या आलीशान संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे एक बार फिर सच कर दिखाया है झारखंड के एक छोटे से कस्बे के युवा ने। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल निवासी मोहम्मद आरिफ ने अपने फौलादी इरादों और तकनीकी कौशल से वह कारनामा कर दिखाया है, जिसकी कल्पना करना भी एक आम आदमी के लिए मुश्किल है। आरिफ ने अपनी पुरानी और मामूली सी दिखने वाली मारुति 800 कार को एक ऐसी लग्जरी सुपरकार में तब्दील कर दिया है, जिसे पहली नजर में देखने वाला हर शख्स इसे दुनिया की मशहूर 'लैंबॉर्गिनी अवेंटाडोर' समझने की भूल कर बैठता है। यह मात्र एक कार मॉडिफिकेशन नहीं, बल्कि एक मैकेनिक के सालों पुराने उस सपने की उड़ान है जो उसने बचपन में देखा था।
मोहम्मद आरिफ, जो पेशे से एक मैकेनिक हैं, ने इस असंभव से दिखने वाले प्रोजेक्ट को हकीकत में बदलने के लिए करीब दो साल तक कड़ी मेहनत की। अपने 'टार्जन गैराज' की चारदीवारी के भीतर आरिफ ने अकेले ही इस पूरी गाड़ी की कायापलट की है। इस सफर में उन्होंने न केवल कार की बॉडी कटिंग की, बल्कि जटिल वेल्डिंग और डिजाइनिंग का सारा काम भी खुद ही अंजाम दिया। आरिफ बताते हैं कि उनके इस जुनून की शुरुआत बचपन में देखी गई फिल्म 'टार्जन: द वंडर कार' से हुई थी, जिसने उन्हें अपनी खुद की एक अनोखी कार बनाने के लिए प्रेरित किया। आज उनकी वही प्रेरणा झारखंड की सड़कों पर एक 'देसी लैंबॉर्गिनी' के रूप में दौड़ रही है, जिसे तैयार करने में उन्होंने लगभग 4 लाख रुपये का निवेश किया है।
इस मॉडिफाइड कार की खासियतें किसी को भी अपनी ओर आकर्षित करने के लिए काफी हैं। इसमें 16-इंच के स्टाइलिश अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं और इसके इंटीरियर को एक स्पोर्टी 2-सीटर लुक दिया गया है, जो इसे पूरी तरह से रेसिंग कार का फील देता है। इतना ही नहीं, आरिफ ने इसमें एक विशेष एग्जॉस्ट सिस्टम भी फिट किया है, जिसकी दहाड़ किसी असली सुपरकार जैसी ही महसूस होती है। जब भी यह कार चांडिल की सड़कों पर निकलती है, तो राहगीरों का हुजूम इसे निहारने और इसके साथ सेल्फी लेने के लिए उमड़ पड़ता है। सोशल मीडिया पर भी इस कार के वीडियो और तस्वीरें जंगल की आग की तरह फैल रही हैं, जिसे देख लोग आरिफ की प्रतिभा की सराहना करते नहीं थक रहे हैं।
हालांकि, तकनीकी रूप से यह एक अद्भुत उपलब्धि है, लेकिन भारत में कार मॉडिफिकेशन को लेकर कड़े कानूनी नियम भी लागू हैं। मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी भी वाहन के मूल ढांचे में व्यापक बदलाव करना प्रतिबंधित है और ऐसी गाड़ियों को सड़कों पर चलाने के लिए आरटीओ से विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद, मोहम्मद आरिफ की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं। आरिफ का यह हुनर साबित करता है कि अगर इंसान के पास दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो वह कबाड़ से भी करोड़ों जैसी चमक पैदा कर सकता है। आज पूरा झारखंड अपने इस हुनरमंद लाल की कलाकारी पर फक्र महसूस कर रहा है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
