न्यायमूर्ति सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार जिले में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1981 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हिसार से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की। न्यायमूर्ति सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद ग्रहण करेंगे। उन्होंने जनवरी 2004 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला।


इसके बाद अक्टूबर 2018 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा दी। मई 2019 में उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उनके न्यायिक कार्यकाल में उन्होंने देश के लोकतंत्र और सामाजिक न्याय को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्देश और फैसले दिए हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची से हटाए गए नामों का विवरण जारी करने का आदेश दिया।


24 नवंबर 2025 को जब वे देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद ग्रहण करेंगे, तब वे हरियाणा से इस पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति होंगे। उनका कार्यकाल लगभग 15 महीने का होगा, जो 9 फरवरी 2027 तक चलेगा। इस दौरान वे भारतीय न्यायपालिका में महत्वपूर्ण सुधारों और संवैधानिक मजबूतियों के लिए काम करेंगे। भारतीय न्यायपालिका में महत्वपूर्ण सुधारों और संवैधानिक मजबूतियों के लिए काम करेंगे। उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और मानवाधिकारों के क्षेत्र में गहरी समझ और अनुभव दर्शाए हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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