क्या आपके फोन पर भी आया “Extremely Severe Alert”? तो घबराने से पहले जान लें पूरी सच्चाई
देशभर के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई में मोबाइल फोन पर अचानक आए “अत्यंत गंभीर अलर्ट” से लोगों में हलचल मच गई। यह वास्तविक आपदा नहीं बल्कि भारत सरकार द्वारा सेल ब्रॉडकास्ट आधारित आपातकालीन चेतावनी प्रणाली का परीक्षण था।

भारत सरकार ने किया देशव्यापी इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का सफल परीक्षण
देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई सहित कई शहरों में आज उस समय अचानक अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया जब लाखों मोबाइल फोन पर एक तेज़ और गंभीर ध्वनि के साथ “Extremely Severe Alert” यानी अत्यंत गंभीर चेतावनी संदेश प्राप्त हुआ। यह संदेश किसी वास्तविक आपदा का संकेत नहीं था, बल्कि भारत सरकार द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी आपातकालीन अलर्ट प्रणाली का परीक्षण था, जिसने नागरिकों का ध्यान एक पल में अपनी ओर खींच लिया।
#BREAKING: India tests Emergency Alert System on phones across different parts of the country. No need to panic. pic.twitter.com/wCveznfoAe
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) May 2, 2026
यह परीक्षण दूरसंचार विभाग के अंतर्गत सी-डॉट (C-DOT) द्वारा विकसित सेल ब्रॉडकास्ट आधारित तकनीक के माध्यम से किया गया, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से तैयार किया गया है। इस प्रणाली का उद्देश्य किसी भी आपदा या गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा स्थिति में नेटवर्क जाम की स्थिति से बचते हुए सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक तुरंत चेतावनी पहुँचाना है। यह तकनीक मौजूदा संचार बाधाओं को पार करते हुए एक साथ बड़े भौगोलिक क्षेत्र में अलर्ट प्रसारित करने में सक्षम है।
सरकारी स्तर पर इस प्रणाली को SACHET प्लेटफॉर्म के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है, जिसने पहले भी अरबों अलर्ट संदेशों के माध्यम से आपदा प्रबंधन में भूमिका निभाई है। इस परीक्षण के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति और निगरानी में प्रणाली का औपचारिक परीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह पहल देश की आपदा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जैसे ही यह अलर्ट मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई दिया, बड़ी संख्या में लोगों ने इसे वास्तविक आपदा समझ लिया। कई उपयोगकर्ताओं ने तुरंत मौसम और समाचार अपडेट की ओर रुख किया, जबकि कुछ ने इसे भूकंप या साइबर हमले जैसी स्थिति से जोड़कर देखा। शुरुआती कुछ मिनटों में सोशल मीडिया पर भ्रम और चिंता का माहौल देखने को मिला, हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि यह केवल एक परीक्षण था।
दिलचस्प रूप से, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गब्बर सिंह सहित कई लोगों ने इस अलर्ट के स्क्रीनशॉट साझा किए और हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रियाएँ दीं। कई उपयोगकर्ताओं ने इसे “अचानक दिल की धड़कन बढ़ाने वाला अलर्ट” बताया, जिससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। वहीं कुछ यूज़र्स ने यह भी कहा कि जिन्हें यह अलर्ट नहीं मिला, उन्हें “सरकार ने अकेलापन भी महसूस करा दिया” जैसी मजाकिया टिप्पणियाँ की गईं।
Heart attack hi aa gaya. But super stuff pic.twitter.com/r87jDj4gD8
— Gabbar (@GabbbarSingh) May 2, 2026
Government of India ka Extremely Severe Alert bhi nahi aaya #alert pic.twitter.com/1dJ6UvQ1yi
— Raja Babu (@GaurangBhardwa1) May 2, 2026
हालांकि शुरुआती प्रतिक्रिया में घबराहट देखी गई, लेकिन जल्द ही स्पष्टता आने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक भविष्य में भूकंप, बाढ़, चक्रवात और अन्य आपदाओं के दौरान जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह प्रणाली उन क्षेत्रों में भी प्रभावी होगी जहाँ पारंपरिक संचार माध्यम बाधित हो सकते हैं।
इस परीक्षण ने एक ओर जहाँ तकनीकी तैयारी की झलक दिखाई, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों तक सही जानकारी और समय पर चेतावनी पहुँचाना आपदा प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य इस प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाकर देशभर में एक मजबूत और त्वरित आपातकालीन संचार ढांचा स्थापित करना है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
