भूकंप से दहला असम: तड़के आए 5.1 तीव्रता के झटकों से मची अफरा-तफरी, दो लोग घायल
केंद्रीय असम में सोमवार तड़के 5.1 तीव्रता के भूकंप से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। झटकों से दो लोग घायल हुए, जबकि कई क्षेत्रों में दहशत का माहौल रहा। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सोमवार तड़के केंद्रीय असम में आए 5.1 तीव्रता के भूकंप ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। अचानक धरती के कांपने से लोग नींद से जाग गए और घबराकर घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि कई इलाकों में दीवारों में दरारें पड़ गईं और घरेलू सामान गिर गया। इस प्राकृतिक आपदा में दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि प्रशासन ने हालात पर कड़ी निगरानी रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूकंप सोमवार सुबह करीब तड़के महसूस किया गया, जिसका केंद्र केंद्रीय असम क्षेत्र में बताया जा रहा है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 दर्ज की गई। झटकों की गहराई मध्यम होने के कारण इसका असर कई जिलों में महसूस किया गया। गुवाहाटी सहित आसपास के क्षेत्रों में लोग कुछ सेकंड तक तेज कंपन महसूस करते रहे।
भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय हो गईं। प्राथमिक रिपोर्टों में बताया गया कि दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत स्थिर है और किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, कुछ पुराने मकानों और ग्रामीण इलाकों में हल्के नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
भूकंप के झटकों के बाद लोगों में डर का माहौल देखा गया। कई परिवार खुले स्थानों में इकट्ठा हो गए और आफ्टरशॉक्स की आशंका के चलते घरों में लौटने से बचते रहे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटके अचानक आए और कुछ पल के लिए बिजली के खंभे व पंखे हिलते नजर आए। सोशल मीडिया पर भी भूकंप को लेकर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे यह साफ हुआ कि झटकों की तीव्रता व्यापक रूप से महसूस की गई।
असम भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और यहां पहले भी कई बार मध्यम से तेज भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेट्स की सक्रियता के कारण भूकंप की संभावना बनी रहती है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत टीमें तैयार रखें। साथ ही, अस्पतालों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
इस घटना ने एक बार फिर भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपदा तैयारी और जागरूकता की अहमियत को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान सही कदम उठाने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। असम में आए इस भूकंप ने भले ही सीमित नुकसान किया हो, लेकिन यह एक चेतावनी जरूर है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहना कितना जरूरी है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
