Arunachal Pradesh heavy rainfall communication disruption : पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में कुदरत ने ऐसा भयंकर रूप दिखाया है कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मूसलाधार बारिश, अचानक बादल फटने और उसके बाद हुए भीषण भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे गंभीर असर यहाँ के दूरसंचार नेटवर्क पर पड़ा, जिससे प्रभावित इलाकों का संपर्क देश और दुनिया से पूरी तरह कट गया। इस गंभीर आपातकाल को देखते हुए केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने तुरंत मोर्चा संभाला और प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को निरंतर चालू रखने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाए हैं। विभाग ने अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय करते हुए सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे राज्य के चार सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में तुरंत अंतर-अंचल रोमिंग यानी इंट्रा-सर्किल रोमिंग (ICR) सेवा को लागू करें। यह विशेष आपातकालीन सुविधा शुरुआती तौर पर तीन दिनों के लिए शुरू की गई है, ताकि संकट की इस घड़ी में लोग अपनों से जुड़े रहें।

इस प्राकृतिक आपदा ने अरुणाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई है। प्राप्त आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, केयी पैन्योर, लोअर सुबनसिरी, अपर सुबनसिरी और पश्चिम सियांग जिलों में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ का पानी पोसा और यज़ाली में स्थित एनईईपीसीओ (NEEPCO) एक्सचेंज के भीतर तक घुस गया, जिसके कारण इस प्रमुख एक्सचेंज ने काम करना बंद कर दिया। इतना ही नहीं, पोतिन और याज़ाली के बीच हुए सिलसिलेवार भूस्खलन ने लगभग 12 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। लगातार हो रही बारिश, नए भूस्खलनों के खतरे और व्यावसायिक बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण तकनीकी टीमों को नेटवर्क बहाली के काम में कदम-कदम पर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। होज़ क्षेत्र में भी फाइबर नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे सागली, लेम्मी, कंपु और सेप्पा जैसे सुदूर इलाकों का संपर्क टूट गया है। फिलहाल इंजीनियरिंग और तकनीकी टीमों को सोपो-होज़ मार्ग पर तैनात किया गया है, जो बेहद कठिन परिस्थितियों में नेटवर्क को दोबारा जिंदा करने की कोशिशों में जुटे हैं।

इस अभूतपूर्व संकट के बीच संचार मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अंतर-अंचल रोमिंग (ICR) सेवा का चालू होना प्रभावित लोगों के लिए संजीवनी साबित होगा। इस व्यवस्था के तहत, संकटग्रस्त जिलों में मौजूद किसी भी मोबाइल कंपनी के ग्राहक, अपने मूल नेटवर्क के ठप होने पर भी वहां उपलब्ध किसी भी दूसरी कंपनी के नेटवर्क से स्वचालित रूप से जुड़ जाएंगे। यह सुविधा न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि देश के अन्य हिस्सों से इन जिलों में आए पर्यटकों और प्रवासियों के लिए भी खुली रहेगी। सरकार के इस कदम का सबसे बड़ा लाभ जमीन पर राहत और बचाव कार्य में जुटी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया टीमों, अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय प्रशासनिक एजेंसियों को मिलेगा, क्योंकि बिना बाधा के सटीक सूचनाएं साझा करना ही इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

तकनीकी रूप से समझें तो अंतर-अंचल रोमिंग (ICR) एक ऐसी विशेष दूरसंचार प्रणाली है, जिसमें किसी आपदा के समय सभी निजी और सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर एक साथ मिलकर काम करते हैं। जब किसी एक कंपनी का टावर या फाइबर लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो उसके ग्राहक को दूसरी कंपनी के चालू टावर से सिग्नल मिलने लगता है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर 'ऑटोमैटिक नेटवर्क सिलेक्शन' विकल्प को ऑन रखना होगा। यदि किसी कारणवश फोन खुद ब खुद नेटवर्क न पकड़े, तो उपभोक्ता मैनुअली अपने फोन की सेटिंग्स, फिर मोबाइल नेटवर्क और उसके बाद नेटवर्क ऑपरेटर के विकल्प में जाकर वहां स्क्रीन पर दिख रहे किसी भी चालू नेटवर्क को मैन्युअली चुनकर अपनी कॉलिंग और इंटरनेट सेवाओं को दोबारा सक्रिय कर सकते हैं। दुर्गम पहाड़ियों के बीच आई इस आपदा में सरकार की यह त्वरित तकनीकी पहल यह साबित करती है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और संपर्क को बनाए रखना सर्वोपरि है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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